- क्यूबा के सैनिकों ने अमेरिकी स्पीडबोट पर फायरिंग करके 4 लोगों को मार दिया है और 6 घायल हैं
- क्यूबा का दावा है कि नाव में सवार सभी 10 लोग आतंकी इरादों से क्यूबा में घुसपैठ करने आए थे
- अमेरिका ने स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है. फ्लोरिडा में औपचारिक जांच भी शुरू कर दी गई है.
क्यूबा और अमेरिका में एक बार फिर से तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. ताजा वजह एक अमेरिकी स्पीडबोट पर क्यूबा के सैनिकों की फायरिंग से जुड़ी है, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई है और 6 घायल हुए हैं. क्यूबा का दावा है कि ये लोग आतंकी इरादों के साथ क्यूबा में गैरकानूनी तरीके से घुसने का प्रयास कर रहे थे.
आखिर हुआ क्या?
हवाना के आंतरिक मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह मुठभेड़ उत्तरी क्यूबा तट पर कायो फाल्कोनेस द्वीप के पास हुई. क्यूबा के कोस्टगार्ड ने जब संदिग्ध नाव को रोकने की कोशिश की तो उस पर सवार लोगों ने फायरिंग कर दी जिसमें क्यूबा के एक कमांडर घायल हो गए. जवाबी कार्रवाई करते हुए क्यूबा की सेना ने नाव को निशाना बनाया. इस दौरान 4 लोग मारे गए और 6 घायल हो गए.
आतंकी इरादे और हथियार-गोला बारूद
मंत्रालय ने दावा किया कि नाव से असॉल्ट राइफलें, हैंडगन और मोलोतोव कॉकटेल जैसे खतरनाक हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं. उसका कहना है कि नाव पर सवार सभी 10 लोग मूल रूप से क्यूबा के निवासी हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका में रह रहे थे. क्यूबा सरकार का आरोप है कि इनमें से अधिकतर का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. अब उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए अमेरिका से क्यूबा भेजा गया था.
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अमेरिकी विदेश मंत्री का कड़ा रुख
इस घटना से अमेरिका और क्यूबा के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ गया है. क्यूबा में अमेरिकी बोट पर फायरिंग की घटना पर ट्रंप सरकार में विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम केवल क्यूबा के दावों पर भरोसा नहीं करेंगे और अपनी स्वतंत्र जांच के आधार पर उचित जवाबी कार्रवाई करेंगे. क्यूबा से लगभग 160 किलोमीटर दूर फ्लोरिडा में अटॉर्नी जनरल ने इस मामले में औपचारिक जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं. अमेरिकी सांसदों ने इस घटना को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है.
क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों से तनाव
यह संघर्ष ऐसे समय गहराया है, जब क्यूबा पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट और अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. वेनेजुएला में निकोलस मादुरो सरकार के तख्तापलट के बाद क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वहां तेल और ईंधन की भारी किल्लत हो गई है. हालांकि कुछ समय पहले अमेरिका ने मानवीय आधार पर तेल सप्लाई में कुछ नरमी के संकेत दिए थे, लेकिन गोलीबारी की ये घटना संबंधों में सुधार की संभावनाओं पर पानी फेरती नजर आ रही है.
अमेरिका में होती है क्यूबा से घुसपैठ
अमेरिका लंबे समय से क्यूबा के ऊपर गैरकानूनी तरीके से लोगों की घुसपैठ कराने और ड्रग तस्करी के आरोप लगाता रहा है. सीएनएन के मुताबिक, हाल के वर्षों में करीब 10 लाख क्यूबाई नागरिक भागकर अमेरिका जा चुके हैं. पिछले रिपब्लिकन और डेमोक्रेट प्रशासन इन्हें राजनीतिक शरणार्थी मानकर नरम व्यवहार करती आई है, लेकिन अब ट्रंप के शासन में बड़ी संख्या में क्यूबा के नागरिकों को निर्वासित किया गया है.
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