- दो अमेरिकी सांसदों ने विदेश मंत्री जयशंकर को लिखा पत्र
- कहा-दोनों देशों के संबंध 21वीं सदी पर असर डालेंगे
- भारत-चीन सीमा गतिरोध के बीच सामने आया यह बयान
अमेरिका के दो शीर्ष सांसदों (Two top American lawmakers) ने कहा है कि भारत के प्रति चीन के ‘‘आक्रामक रवैये'' के मद्देनजर अमेरिका और भारत के करीबी संबंध (India-US relationship) बहुत मायने रखते हैं. अमेरिका और भारत के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को द्विदलीय समर्थन दर्शाते हुए प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष एलियॉट एंगल एवं रैंकिंग सदस्य माइकल टी मैककॉल ने भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) को लिखे पत्र में कहा कि दोनों दलों के सदस्य भारत एवं अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों के 21वीं सदी पर मजबूत प्रभाव को समझते हैं.
भारत, अमेरिका और ब्राजील के पास कोरोना महामारी से निपटने की क्षमता : WHO
Chairman @RepEliotEngel and Ranking Member @RepMcCaul express bipartisan support for the U.S.-India relationship while noting their concern that one year after the revocation of article 370, things have yet to normalize in Jammu and Kashmir.https://t.co/mTa0ReXS2b pic.twitter.com/lrYkTWkQo1
— House Foreign Affairs Committee (@HouseForeign) August 6, 2020
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उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस साल फरवरी में कहा था कि हमारे संबंध अब केवल साझेदारी नहीं हैं बल्कि ये पहले से कहीं अधिक मजबूत एवं करीबी हैं.'' दोनों सांसदों ने कहा, ‘‘ये मजबूत संबंध ऐसे समय में और अधिक महत्वपूर्ण हैं, जब भारत चीन के साथ लगती सीमा पर उसके (चीन के) आक्रामक रुख का सामना कर रहा है. चीन का यह व्यवहार हिंद प्रशांत में चीन सरकार के अवैध कदमों और उसकी आक्रामकता का हिस्सा है.'' गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में भारत और चीन के बीच सीमा मामले (border face-off between India and China)में गतिरोध की स्थिति के बीच अमेरिकी सांसदों का यह बयान आया है.
उन्होंने कहा, ‘‘द्विपक्षीय संबंधों को हमारे समर्थन के साथ ही, हम इस बात पर चिंता जताते हैं कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने और उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद पिछले एक साल में वहां हालात सामान्य नहीं हुए हैं.''गौरतलब है 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गावान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प के दौरान 20 भारतीय सैनिकों को जान गंवानी पड़ी थी. इस हिंसक झड़प में चीनी पक्ष को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा था हालांकि चीन की ओर से इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी.अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, चीनी पक्ष के हताहतों की संख्या 35 के आसपास थी.
31 दिसंबर 2020 तक H1-B वीजा पर पाबंदी जारी
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं