डरबन:
जलवायु वार्ता के दौरान दादागिरी और इसमें बाधक बनने संबंधी आरोपों को दरकिनार करते हुए भारत के वार्ताकारों ने कहा कि उनका दृढ़ मत है कि नई दिल्ली कार्बन उत्सर्जन में कटौती को लेकर किसी भी वैधानिक बंधन को स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि इस मुद्दे पर उसकी नीति एकदम स्पष्ट, सतत और सहानुभूतिपूण है। डरबन में जलवायु परिवर्तन को लेकर चल रहे वार्षिक संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के पहले हफ्ते के समाप्त होने के मौके पर गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या भारत इस मुद्दे को लेकर बनाए जा रहे दबाव के आगे झुक जाएगा। बेसिक देशों के साथ साथ भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि क्योटो प्रोटोकोल जलवायु संधि का आधार होगा और डरबन सम्मेलन की सफलता के लिए इस पर दोबारा प्रतिबद्धता जताया जाना एक आवश्यक प्राथमिकता है।
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