हवा में टेरर, भारतीय पायलट बना फाइटर… समझिए Flydubai की फ्लाइट में क्या-क्या हुआ था?
Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में एक को-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया. वह प्लेन को अपने कब्जे में लेना चाहता था, ताकि उसे क्रैश कर सके.
दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को जो कुछ हुआ, वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था. प्लेन जब 34,000 फीट की ऊंचाई पर था, तभी ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया. कुछ ही सेकंड में प्लेन 34,000 फीट से 17,000 फीट पर आ गया. हर तरफ चीख-पुकार मच गई. भारतीय कैप्टन स्मित मछार की सूझबूझ और यात्रियों की मदद से हमलावर को काबू में लिया गया.
जिस विमान में यह सब हुआ, उसमें 174 यात्री थे, जिनमें से 166 इजरायली थे. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'आतंकी घटना' करार दिया है. उन्होंने 174 लोगों की जान बचाने के लिए भारतीय कैप्टन स्मित मछार का शुक्रिया अदा भी किया और उन्हें 'सच्चा हीरो' बताया.
Flydubai की फ्लाइट में बुधवार को क्या-कुछ हुआ? जिस वक्त यह सब हो रहा था, तब फ्लाइट के अंदर कैसा माहौल था? समझते हैं.
सुबह 8:35 बजे: Flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ी. सुबह 10:51 बजे फ्लाइट 34,000 फीट की ऊंचाई से गोता लगाया और 17,000 फीट नीचे आ गई. इसका मतलब है कि उस समय को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया था.

सुबह 10:51 बजे: प्लेन ने इमरजेंसी कोड '7700' भेजा. इसका मतलब है- प्लेन में जनरल इमरजेंसी है. उस वक्त प्लेन सऊदी और जॉर्डर की बॉर्डर के पास था.

वीडियो में देखें- एनिमेशन से समझिए स्मित माछर ने कैसे बचाई 180 लोगों की जान
सुबह 11:05 बजे: प्लेन ने अब '7500' कोड भेजा. इसका मतलब है- प्लेन हाईजैक हो गया है. इसके बाद प्लेन पश्चिम की तरफ मुड़ा, थोड़ी देर जॉर्डर की सीमा में रहा और फिर सऊदी की तरफ आ गया.

फ्लाइट में क्या हुआ?
चीख-पुकार मच गई. कई यात्री आंखें बंद करके प्रार्थना करने लगे. प्लेन में सवार यात्री यनीव हयून ने कहा- 'कॉकपिट का दरवाजा लॉक नहीं था और हमने उसे खोल लिया. हमारे लिए मुश्किल बात दूसरे पायलट की हालत थी. उसे चाकू मारा गया था.'
एक दूसरे यात्री ने कहा- 'हम लोगों ने मिलकर हमलावर को पकड़ा और चार्जिंग केबल से बांध दिया.'

हयून ने बताया- 'जब लोग हमलावर से जूझ रहे थे, तब कंट्रोल संभाला और वैसे ही खींचा जैसा टीवी शो में देखा था. फिर बाकी क्रू मेंबर्स ने जिम्मेदारी संभाली. प्लेन का रास्ता बदला और उसे सुरक्षित उतारा.'
सुबह 11:14 बजे: प्लेन का कंट्रोल अब क्रू के हाथ में था. तबुक एयरपोर्ट के कंट्रोल रूम को FZ1073 से इमरजेंसी लैंडिंग के लिए कॉल आई.

दोपहर 12:15 बजे: आखिरकार फ्लाइट सऊदी अरब के तबुक में प्रिंस सुल्तान एयरपोर्ट पर सेफ लैंड हो गया. सभी यात्रियों को विमान से उतारा गया. देर रात सभी यात्री इजरायल पहुंचे.

भारतीय कैप्टन बने 'हीरो'
नेतन्याहू ने कहा कि यह आतंकी घटना थी. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि हमलावर का प्लान 9/11 जैसे हमले का था. वह यात्रियों समेत विमान को क्रैश करना चाहता था.
अगर भारतीय कैप्टन स्मित मछार और यात्रियों ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती थी और 180 लोगों की जान जा सकती थी.

Photo Credit: PTI
विमान में सवार डेंटिस्ट शोता मुसायेव ने मीडिया को बताया कि उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि प्लेन में कोई और हमलावर भी हो सकता है, इसलिए हमने प्लेन के अंदर कुछ और लोगों को तैनात कर दिया, ताकि अगर कुछ होता है तो हम आसानी से काबू पा सकें.
मुसायेव ने घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार की देखभाल की. उन्होंने बताया कि 'घायल पायलट पूरे समय बस प्रार्थना कर रहा था और हमें डर था कि हम उसे खो न दें.'

नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मछार को 'सच्चा हीरो' बताया. उन्होंने कहा, 'चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने मुकाबला किया, विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई.'
दुबई से यात्रियों को लेकर फ्लाइट FZ1073 सुबह उड़ी थी लेकिन 10 घंटे बाद यात्री तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पहुंचे.
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