दुबई:
दुनिया के सबसे बड़े टावर बुर्ज खलीफा को फरवरी में बम से उड़ाने की अफवाह का षड्यंत्र वास्तव में एक भारतीय ने रचा था ताकि उसका दूसरा साथी जेल पहुंच जाए।
उस भारतीय व्यक्ति की पहचान सिर्फ जेएफ के रूप में हुई है जिसने दस लाख डॉलर नहीं मिलने पर कथित तौर पर टावर को उड़ाने की धमकी दी। इस मामले में दुबई के आपराधिक न्यायायलय ने उसे बरी कर दिया है।
स्थानयी खबरों में बताया गया है कि व्यवसायी ने एक पुलिस अधिकारी को इस बारे में संदेश भेजने के लिए दूसरे व्यक्ति के मोबाइल फोन का प्रयोग किया था ताकि वह दूसरा व्यक्ति चौधरी गिरफ्तार हो जाए और जेल में बंद कर दिया जाए।
38 वर्षीय व्यक्ति को तब पकड़ा गया जब उसने होटल के नाइटक्लब में बारकर्मी को इस बारे में बताया जिसने घटना की जानकारी पीड़ित को दे दी।
उस भारतीय व्यक्ति की पहचान सिर्फ जेएफ के रूप में हुई है जिसने दस लाख डॉलर नहीं मिलने पर कथित तौर पर टावर को उड़ाने की धमकी दी। इस मामले में दुबई के आपराधिक न्यायायलय ने उसे बरी कर दिया है।
स्थानयी खबरों में बताया गया है कि व्यवसायी ने एक पुलिस अधिकारी को इस बारे में संदेश भेजने के लिए दूसरे व्यक्ति के मोबाइल फोन का प्रयोग किया था ताकि वह दूसरा व्यक्ति चौधरी गिरफ्तार हो जाए और जेल में बंद कर दिया जाए।
38 वर्षीय व्यक्ति को तब पकड़ा गया जब उसने होटल के नाइटक्लब में बारकर्मी को इस बारे में बताया जिसने घटना की जानकारी पीड़ित को दे दी।
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