बेंगलुरु के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM-B) परिसर से आई एक खबर ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. संस्थान में 23 वर्षीय मणिपुरी युवती पिछले कई सालों से 'नरक' भोग रही थी. आरोप है कि संस्थान के कैंपस में रहने वाले एक दंपत्ति ने अपनी इस नैनी बंधक बनाकर रखा. इसके अलावा ये भी आरोप है कि वे उसे भूखा रखते थे और बेरहमी से पीटते थे. ये सिलसिला सालों तक जारी रहा.
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित युवती पिछले छह सालों से अमर और अंशु नाम के दंपत्ति के पास काम कर रही थी. यह परिवार आईआईएम-बी कैंपस के भीतर ही बने एक आवास में रहता है. युवती का आरोप है कि साल 2021 से उसके साथ होने वाला बर्ताव पूरी तरह बदल गया और उसे बंधक बना लिया गया.
बाहरी दुनिया से काट दिया
पीड़िता का कहना है कि उसे बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग-थलग करने के लिए उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया था. वह किसी से बात न कर सके, इसके लिए उस पर कड़ी निगरानी रखी जाती थी. अगर वह किसी पड़ोसी या अनजान व्यक्ति से बात करने की कोशिश करती, तो उसे बेरहमी से पीटा जाता और बालों से खींचकर घर के अंदर धकेल दिया जाता था.
एफआईआर में दर्ज एक भयानक घटना के मुताबिक, 15 अप्रैल की रात करीब 2:30 बजे आरोपी नियोक्ता ने उसे बुरी तरह पीटा और उसके बाल नोचे. युवती इतनी डरी हुई थी कि उसने लंबे समय तक पुलिस या किसी और से मदद मांगने की हिम्मत नहीं जुटाई. उसे डर था कि अगर उसने आवाज उठाई तो उसे और ज्यादा प्रताड़ित किया जाएगा.
पड़ोसी और कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ने बचाई जान
इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. माइको लेआउट पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 115(2) और 127(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस अब अमर और अंशु के खिलाफ लगे इन गंभीर आरोपों की जांच कर रही है और कैंपस में रहने वाले अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.
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