
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ... (फाइल फोटो)
वाशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की मुस्लिमों का अमेरिका में प्रवेश प्रतिबंधित करने और अमेरिका और अन्य देशों के बीच दीवारें बनाने से जुड़ी योजनाओं की आलोचना करते हुए कहा है कि सबसे बड़ी चुनौतियों को अलग-थलग रहकर नहीं सुलझाया जा सकता।
नाम लिए बिना किया हमला
ओबामा ने ट्रंप का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि वह रियल एस्टेट के दिग्गज ट्रंप के प्रचार अभियान और नीतिगत प्रस्तावों के बारे में क्या सोचते हैं। ओबामा ने अपने ये विचार रविवार को रूटजर्स यूनिवर्सिटी में एक बेहद राजनीतिक दीक्षांत भाषण के दौरान व्यक्त किए।
दीवारें बनाने से क्या होगा
ओबामा ने ट्रंप के अमेरिका और मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के प्रस्तावों की ओर इशारा करते हुए कहा, दुनिया पहले से कहीं ज्यादा अंतरसंबंधित हो रही है और इसका जुड़ाव प्रतिदिन बढ़ रहा है। दीवारें बनाने से वह बदलेगा नहीं। राष्ट्रपति ने स्नातकों से कहा कि वे उन लोगों के सामने खड़े हों, जो कहते हैं कि अमेरिका पहले अच्छा था। वह उनके सामने अपने ज्ञान को उजागर करें, उनकी अज्ञानता की खिंचाई न करें।
अमेरिका तब की तुलना में बेहतर
ओबामा ने कहा, जब मैं स्नातक हुआ था, अमेरिका तब की तुलना में बेहतर है, दुनिया तब की तुलना में बेहतर है। जब मैं स्नातक हुआ, एक तरह से लौह पर्दा गिर गया। रंगभेद खत्म हो गया। ज्यादा लोकतंत्र आ गया। हमने पोलियो जैसी बीमारियों को खत्म कर दिया। हमने भारी गरीबी को बहुत कम कर दिया। हम शिशुओं की मृत्युदर में भारी कमी लाए। मैं ये सब चीजें आपको पूरी तरह संतुष्ट हो जाने के लिए नहीं बता रहा हूं। हमारे पास कई बड़ी समस्याएं हैं, जिन्हें सुलझाया जाना है। उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, देखिए, एक राष्ट्रपति के रूप में, मेरी पहली जिम्मेदारी हमेशा से अमेरिका की सुरक्षा और समृद्धि है। और नागरिकों के रूप में, हम सभी अपने देश को पहले स्थान पर रखते हैं। लेकिन पिछले दो दशकों ने हमें यदि कुछ सिखाया है तो वह यह है कि सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना हम अलग-थलग रहकर नहीं कर सकते।
ओबामा ने कहा, जब बाहरी देशों का विघटन शुरू हो जाता है तो वे आतंकियों और विनाशवाद और निराशा के पनपने का ठिकाना बन जाते हैं। यह अंतत: हमारे किनारों तक पहुंचता है। जब विकासशील देशों के पास सक्रिय स्वास्थ्य तंत्र नहीं होता तो जीका या इबोला जैसी महामारियां फैल सकती हैं और अमेरिका को भी संकट में डाल सकती हैं। कोई दीवार उसे रोक नहीं पाएगी। ओबामा ने कहा कि दीवार बनाने से न तो रोजगारों का सृजन होगा और न ही अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। उन्होंने इस धारणा को भी चुनौती दी कि मुस्लिमों का अमेरिका में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा। ट्रंप ने दिसंबर में कुछ ऐसा ही प्रस्ताव दिया था।
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति ने कहा, मुस्लिमों को अलग-थलग कर देने से या उनकी उपेक्षा करने से, इस देश में उनके आने पर उनके साथ अलग ढंग से व्यवहार करने का सुझाव देने से हमारे मूल्यों के साथ विश्वासघात होगा। यह हमारे अस्तित्व के साथ तो विश्वासघात होगा ही, यह देश और विदेश के उन समुदायों को विमुख कर देगा, जो चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई में हमारे सबसे अहम सहयोगी हैं।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
नाम लिए बिना किया हमला
ओबामा ने ट्रंप का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि वह रियल एस्टेट के दिग्गज ट्रंप के प्रचार अभियान और नीतिगत प्रस्तावों के बारे में क्या सोचते हैं। ओबामा ने अपने ये विचार रविवार को रूटजर्स यूनिवर्सिटी में एक बेहद राजनीतिक दीक्षांत भाषण के दौरान व्यक्त किए।
दीवारें बनाने से क्या होगा
ओबामा ने ट्रंप के अमेरिका और मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के प्रस्तावों की ओर इशारा करते हुए कहा, दुनिया पहले से कहीं ज्यादा अंतरसंबंधित हो रही है और इसका जुड़ाव प्रतिदिन बढ़ रहा है। दीवारें बनाने से वह बदलेगा नहीं। राष्ट्रपति ने स्नातकों से कहा कि वे उन लोगों के सामने खड़े हों, जो कहते हैं कि अमेरिका पहले अच्छा था। वह उनके सामने अपने ज्ञान को उजागर करें, उनकी अज्ञानता की खिंचाई न करें।
अमेरिका तब की तुलना में बेहतर
ओबामा ने कहा, जब मैं स्नातक हुआ था, अमेरिका तब की तुलना में बेहतर है, दुनिया तब की तुलना में बेहतर है। जब मैं स्नातक हुआ, एक तरह से लौह पर्दा गिर गया। रंगभेद खत्म हो गया। ज्यादा लोकतंत्र आ गया। हमने पोलियो जैसी बीमारियों को खत्म कर दिया। हमने भारी गरीबी को बहुत कम कर दिया। हम शिशुओं की मृत्युदर में भारी कमी लाए। मैं ये सब चीजें आपको पूरी तरह संतुष्ट हो जाने के लिए नहीं बता रहा हूं। हमारे पास कई बड़ी समस्याएं हैं, जिन्हें सुलझाया जाना है। उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, देखिए, एक राष्ट्रपति के रूप में, मेरी पहली जिम्मेदारी हमेशा से अमेरिका की सुरक्षा और समृद्धि है। और नागरिकों के रूप में, हम सभी अपने देश को पहले स्थान पर रखते हैं। लेकिन पिछले दो दशकों ने हमें यदि कुछ सिखाया है तो वह यह है कि सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना हम अलग-थलग रहकर नहीं कर सकते।
ओबामा ने कहा, जब बाहरी देशों का विघटन शुरू हो जाता है तो वे आतंकियों और विनाशवाद और निराशा के पनपने का ठिकाना बन जाते हैं। यह अंतत: हमारे किनारों तक पहुंचता है। जब विकासशील देशों के पास सक्रिय स्वास्थ्य तंत्र नहीं होता तो जीका या इबोला जैसी महामारियां फैल सकती हैं और अमेरिका को भी संकट में डाल सकती हैं। कोई दीवार उसे रोक नहीं पाएगी। ओबामा ने कहा कि दीवार बनाने से न तो रोजगारों का सृजन होगा और न ही अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। उन्होंने इस धारणा को भी चुनौती दी कि मुस्लिमों का अमेरिका में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा। ट्रंप ने दिसंबर में कुछ ऐसा ही प्रस्ताव दिया था।
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति ने कहा, मुस्लिमों को अलग-थलग कर देने से या उनकी उपेक्षा करने से, इस देश में उनके आने पर उनके साथ अलग ढंग से व्यवहार करने का सुझाव देने से हमारे मूल्यों के साथ विश्वासघात होगा। यह हमारे अस्तित्व के साथ तो विश्वासघात होगा ही, यह देश और विदेश के उन समुदायों को विमुख कर देगा, जो चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई में हमारे सबसे अहम सहयोगी हैं।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
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