- बांग्लादेशी शख्स पर सोशल मीडिया के जरिए सैकड़ों नाबालिग लड़कियों को धमकाने और ब्लैकमेल करने का आरोप
- FBI ने उसे मलेशिया से गिरफ्तार कर अलास्का लाया गया, जहां उस पर बाल शोषण से जुड़े साइबर अपराधों का मुकदमा चलेगा
- आरोपी ने फर्जी पहचान से लड़कियों से संपर्क कर मानसिक उत्पीड़न किया और उनसे दबाव बनाकर फायदा उठाने की कोशिश की
एक बांग्लादेशी शख्स पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से सैकड़ों नाबालिग लड़कियों को डिजिटल माध्यम का दुरुपयोग कर परेशान किया और धमकाकर ब्लैकमेल किया. अब अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उसे मलेशिया से हिरासत में लेकर अलास्का पहुंचा दिया है, जहां उस पर संघीय स्तर पर बाल शोषण से जुड़े साइबर अपराधों के आरोपों में मुकदमा चलेगा. अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, आरोपी जोबैदुल अमीन (28) मलेशिया में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था और वहीं पुलिस की कार्रवाई का सामना कर रहा था. उसे FBI की कस्टडी में अलास्का लाया गया, जहां गुरुवार को उसकी कोर्ट में पहली पेशी हुई और उसने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया.
सैकड़ों नाबालिगों को धोखे से फंसाने, डराने-धमकाने का आरोप
अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लड़कियों से संपर्क किया और फिर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया. अभियोजकों का कहना है कि उसने पीड़ितों को धमकाने और डराने के कई प्रयास किए और उनसे लगातार दबाव बनाकर फायदा उठाने की कोशिश की. अमीन के खिलाफ 2022 में फेडरल ग्रैंड जूरी ने आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें साइबरस्टॉकिंग, वायर फ्रॉड और डिजिटल माध्यम से नाबालिगों का शोषण जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं.
14 वर्षीय अलास्का पीड़िता की शिकायत से खुला मामला
अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच तब शुरू हुई जब अलास्का की 14 वर्षीय लड़की ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान मिले डिजिटल सबूतों और कई राज्यों से लिए गए वारंट, सब्पोना के बाद अधिकारियों को पता चला कि आरोपी ने इसी तरह के अपराध सैकड़ों अन्य नाबालिगों के साथ भी किए थे. अदालत में दाखिल दस्तावेजों में दावा किया गया कि आरोपी पीड़ितों को मानसिक दबाव में लाने के लिए उन्हें धमकाता था और कहता था कि उसके खिलाफ पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी क्योंकि वह विदेश में है.
मलेशिया से बाहर कराकर आरोपी को हिरासत में लिया
अमेरिकी अधिकारियों ने पहले उसे मलेशिया से प्रत्यर्पित कराने की कोशिश की, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इसके बाद FBI और मलेशियाई एजेंसियों के सहयोग से आरोपी के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई. अदालत से जमानत मिलने के बाद अंततः अमेरिका ने उसे मलेशिया से बाहर करवाया, जहां से FBI उसे हिरासत में लेकर अलास्का ले गई.
FBI: “बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी”
FBI निदेशक काश पटेल ने बयान जारी करते हुए कहा कि हमारे बच्चों की सुरक्षा और उन्हें शोषण से बचाना FBI की सर्वोच्च प्राथमिकता है, चाहे अपराधी अमेरिका में हो या विदेश में. अमेरिका के मजिस्ट्रेट जज काइल रीर्डन ने आदेश दिया है कि मुकदमे की कार्यवाही के दौरान आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं