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भारत से लगी सीमा पर बांग्लादेश का नया दांव, ड्रोन से सर्विलांस के लिए खोला एक अलग ही स्कूल

भारत के साथ बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 4,096.7 किलोमीटर है. बांग्लादेश ने यह 'सीमांतो सर्विलांस एंड ड्रोन वॉरफेयर स्कूल' सिलहट में बनाया है, जो मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से करीब 115 किलोमीटर दक्षिण में है.

भारत से लगी सीमा पर बांग्लादेश का नया दांव, ड्रोन से सर्विलांस के लिए खोला एक अलग ही स्कूल
बांग्लादेश ने सिलहट में 'सीमांतो सर्विलांस एंड ड्रोन वॉरफेयर स्कूल' शुरू किया
  • बांग्लादेश ने सिलहट में सीमांतो सर्विलांस एंड ड्रोन वॉरफेयर स्कूल का उद्घाटन किया है, जो मेघालय के पास है
  • भारत और बांग्लादेश की सीमा लगभग चार हजार किलोमीटर लंबी है, जिसमें कई हिस्सों पर बाड़ लगाई जा चुकी है
  • भारत बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए पुश बैक नीति अपनाता है, जबकि बांग्लादेश इसे पुश-इन कहता है

बांग्लादेश ने मंगलवार, 2 सितंबर को अपने सीमा सुरक्षा बल (BGB) के सिलहट सेक्टर मुख्यालय में 'सीमांतो सर्विलांस एंड ड्रोन वॉरफेयर स्कूल' शुरू किया. इसका मकसद बॉर्डर की निगरानी और सुरक्षा के लिए ड्रोन और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है. SSSDW के उद्घाटन कार्यक्रम में बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाउद्दीन अहमद मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. वहीं BGB के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी भी कार्यक्रम में मौजूद थे.

BGB ने कहा कि सीमांतो सर्विलांस एंड ड्रोन वॉरफेयर स्कूल तकनीक के जरिए सीमा सुरक्षा, बेहतर निगरानी और आधुनिक तरीके से अभियान चलाने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक नया कदम है. यह स्कूल सिलहट में बनाया गया है. सिलहट, मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से करीब 115 किलोमीटर दक्षिण में है.

बता दें कि सीमा सुरक्षा बल बांग्लादेश (BGB) एक अर्धसैनिक बल है. इसे बांग्लादेश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है. भारत के साथ बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 4,096.7 किलोमीटर है. उद्घाटन कार्यक्रम में BGB के जवानों ने ड्रोन की मदद से सीमा पर निगरानी करने और अभियान चलाने के तरीके भी दिखाए.

इस साल जून में BGB के डायरेक्टर जनरल नई दिल्ली आए थे. उन्होंने भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ होने वाली साल में दो बार की डायरेक्टर जनरल स्तर की बैठक के पहले दौर में हिस्सा लिया था. BSF के मुताबिक, उस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी. इनमें बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा BSF जवानों और भारतीय नागरिकों पर हमले रोकना, सीमा पार होने वाले अपराधों को रोकना, बांग्लादेशी अपराधियों के भारत में घुसने से रोकना और बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा सीमा की बाड़ तोड़ने की घटनाओं को रोकना शामिल था. सीमा पर बाड़ लगाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी.

भारत-बांग्लादेश की सीमा और उससे जुड़े विवाद

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर लोगों को वापस भेजने को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है. भारत को बांग्लादेश से होने वाली अवैध घुसपैठ की समस्या का भी लगातार सामना करना पड़ता है. भारत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध रूप से घुसने वाले बांग्लादेशी लोगों को रोककर तुरंत वापस भेजने की कार्रवाई को 'पुश बैक' कहता है. वहीं बांग्लादेश इसे 'पुश-इन' कहता है.

भारत ने बांग्लादेश के साथ लगती सीमा में 3,200 किलोमीटर से ज्यादा हिस्से पर बाड़ लगा दी है. लेकिन करीब 860 किलोमीटर सीमा पर अभी बाड़ नहीं लगी है. इसमें करीब 170 किलोमीटर ऐसा हिस्सा भी है जहां नदी होने जैसी वजहों से बाड़ लगाना संभव नहीं है. सीमा के बाकी हिस्सों में बाड़ लगाने की कोशिशों में हाल के दिनों में तेजी आई है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद राज्य सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 1,000 एकड़ से ज्यादा जमीन केंद्र को सौंप दी है.

BGB ने कहा कि यह ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग स्कूल सीमा सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल मजबूत करने और ड्रोन के जरिए निगरानी करने की BGB की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी जारी है.

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