- होर्मुज में एक जहाज पर हमला हुआ है और उस जहाज पर 24 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं
- फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने अपने X हैंडल वीडियो शेयर किया है
- ओमान तट के पास यह 24 भारतीय नाविक इंडियन नेवी की फौरन मदद मांग रहे हैं- FSUI
ईरान और इजरायल ने 2 महीने के सीजफायर में पहली बार एक-दूसरे पर हमला किया है और इससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है. इस तनाव के लपटें अब एक बार फिर होर्मुज में देखने को मिल रही है. अब इस इलाके से गुजर रहे एक जहाज पर हमला हुआ है और उस जहाज पर 24 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं. फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने अपने X हैंडल वीडियो शेयर करते हुए बताया कि ओमान तट के पास यह 24 भारतीय नाविक इंडियन नेवी की फौरन मदद मांग रहे हैं. इस वीडियो में दिख रहा है कि जहाज से काला धुआं उठ रहा है. बता दें कि दुनिया में तेल व्यापार का सबसे अहम रास्ता माना जाता है. यहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है.
Indian Navy in Harmouz 24 Indian Seafarers seeking urgent assistance at 2057.07N 059 degree 0813 off coast Oman onboard @IndiannavyMedia @MEAIndia @DrSJaishankar @shipmin_india @ITFglobalunion pic.twitter.com/PljHOhTGVv
— FSUI (@FSUIINDIA) June 8, 2026
होर्मुज खुला रहेगा, लेकिन ट्रांजिट शुल्क लगेगा- ईरान
इस हमले से इतर रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन यहां नई शर्तें लागू होगीं, जिनमें ट्रांजिट शुल्क (टोल) भी शामिल हो सकता है. रूस के अखबार इजवेस्टिया को दिए इंटरव्यू में (सोमवार को प्रकाशित) जालाली ने कहा, "होर्मुज निश्चित रूप से खुला रहेगा, लेकिन इसकी नई शर्तें ईरान और ओमान के अधिकारी तय करेंगे."
उन्होंने आगे कहा, "हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सेवाएं प्रदान करते हैं, और उन सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा." हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है.
भारत ने जारी की एडवाइजरी
इस तनाव के बीच ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास को भी एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है. दूतावास ने भारतीयों से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है. इसके साथ ही एडवाइजरी में कहा गया है कि जो लोग ईरान में मौजूद हैं वो किसी भी साधन के जरिए देश से बाहर निकल जाएं. ये एडवाइजरी तब जारी की गई है जब ईरान और इजरायल आमने-सामने की जंग कर रहे हैं.
इससे पहले इजरायल ने सीजफायर के बीच ईरान पर सीधे तौर पर कोई हमला नहीं किया था. ईरान को कमजोर करने के लिए इजरायल लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया था.
यह भी पढ़ें: ट्रंप की नहीं सुन रहे नेतन्याहू, क्यों ईरान से युद्ध करते-करते दोनों आपस में उलझ पड़े?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं