अमेरिका 250 साल का हो गया है. 4 जुलाई को उसका 250वां स्वतंत्रता दिवस था. अपनी आजादी का जश्न अमेरिका में हर साल आतिशबाजी करके मनाया जाता है. इस बार भी ऐसा ही हुआ. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 जुलाई को साढ़े 8 लाख से ज्यादा पटाखे छोड़े गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा आतिशबाजी शो बताया.
ट्रंप सरकार के 'फ्रीडम 250' प्रोजेक्ट ने पेंसिल्वेनिया की कंपनी पायरोटेक्निको को काम पर रखा था. इस कंपनी ने वॉशिंगटन डीसी में लिंकन मेमोरियल और पोटोमैक नदी के आसपास 10 जगहों पर 8.50 लाख से ज्यादा आतिशबाजी के गोले छोड़े. बताया जा रहा है कि लगभग 40 मिनट तक आतिशबाजी होती रही.
अमेरिकी इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी आतिशबाजी हुई. दावा है कि ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इससे पहले सबसे बड़ी आतिशबाजी का रिकॉर्ड 2016 में बना था, तब फिलीपींस के बोकाउ में 8.10 लाख से ज्यादा गोले छोड़े गए थे.
Greatest fireworks show in the world 🇺🇸🎇🇺🇸 pic.twitter.com/siHbHsO3m3
— Freedom 250 (@Freedom250) July 5, 2026
और इसमें कितना खर्चा आया?
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर इतनी बड़ी आतिशबाजी को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ऐसा सिर्फ ट्रंप ही कर सकते थे.
ट्रंप ने इस आतिशबाजी को लेकर कहा- 'अब तक का सबसे बेहतरीन आतिशबाजी शो.'

दावा है कि पिछले साल सिर्फ 20 हजार पटाखे छोड़े गए थे. लेकिन इस बार 8.50 लाख पटाखे छोड़े गए. CNN ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि अकेले इस शो पर लगभग 8.50 लाख डॉलर का खर्चा आया होगा. भारतीय करंसी में यह रकम 8 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
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पटाखों पर जमकर खर्च करते हैं अमेरिकी
अमेरिका में आजादी के जश्न आतिशबाजी से मनाया जाता है. इस पर अमेरिकी हर साल अरबों डॉलर खर्च करते हैं.
capitaloneshopping.com की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 जुलाई की आतिशबाजी के लिए अमेरिकी हर साल अरबों डॉलर फूंक देते हैं. 2024 में अमेरिकियों ने 2.2 अरब डॉलर (लगभग 21 हजार करोड़ रुपये) की आतिशबाजी की थी.
CBS न्यूज ने हाल ही में एक रिपोर्ट की थी, जिसमें अमेरिकन पाइयोटेक्निक्स एसोसिएशन (APA) के अनुसार साल 2000 में आम लोगों ने पटाखों पर 40 लाख डॉलर खर्च किए थे. लेकिन पिछले दो दशकों में यह आंकड़ा लगातार बढ़ गया. 2019 में अमेरिकियों ने 1 अरब डॉलर से खर्च किए थे. 2020 में यह आंकड़ा 1.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया. अब पिछले कुछ सालों से हर साल 2.2 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हो रहे हैं.
APA की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जूल हेकमैन ने CBS न्यूज से कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इस साल पटाखों की बिक्री का आंकड़ा 2.5 अरब डॉलर (लगभग 24 हजार करोड़) के पार चला जाएगा.
अगर ये अनुमान सही बैठता है तो ये रकम सेशेल्स की जीडीपी से भी ज्यादा होगी. सेशेल्स की जीडीपी 2.25 अरब डॉलर है.

टैरिफ का भी दिख रहा असर?
अमेरिका में ज्यादातर पटाखे चीन से ही आते हैं. ट्रंप के टैरिफ के कारण पटाखे भी महंगे हुए हैं. 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन पर लगे टैरिफ की वजह से अमेरिका में पटाखों की कीमत 30 से 40 फीसदी तक बढ़ गई है.
ट्रंप ने पिछले साल चीन पहले 145% तक टैरिफ लगा दिया था. फिर इसे कम कर 30% किया गया. फिलहाल चीन पर 15% टैरिफ लग रहा है.
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आतिशबाजी से इतना प्यार क्यों?
4 जुलाई की तारीख हो और अमेरिका में आतिशबाजी न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. आजादी के जश्न बिना आतिशबाजी के अमेरिका में मनाया ही नहीं जा सकता.
अमेरिका में आजादी का जश्न आतिशबाजी से मनाने की परंपरा 1777 से चली आ रही है. 4 जुलाई 1776 को अमेरिका आजाद हुआ था और अगले ही साल फिलाडेल्फिया में जमकर आतिशबाजी हुई थी.

अमेरिका के संस्थापकों में से एक जॉन एडम्स ने जुलाई 1776 में अपनी पत्नी पत्नी एबिगेल को लिखी एक चिट्ठी में कहा था कि आजादी का जश्न धूम-धाम, परेड, बोनफायर और जबरदस्त रोशनी के साथ मनाया जाना चाहिए.
उस समय 'रोशनी' का मतलब त्योहारों पर की जाने वाली लाइटिंग से था, जिसमें आतिशबाजी भी शामिल थी. उसके बाद से ही अमेरिका में हर साल आजादी का जश्न आतिशबाजी से ही मनाया जाता है. हालांकि, धूम-धाम और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाने की परंपरा कई सदियों से दुनियाभर में चली आ रही है.
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