लंदन:
ब्रिटिश मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक आतंकवादी संगठन अल कायदा के संदिग्ध सदस्य सोमालिया के 24 साल के व्यक्ति ने अदालत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद एक दिन में लंदन ओलिंपिक आयोजन क्षेत्र का 5 बार दौरा किया। इस व्यक्ति को 'सम्भावित मानव बम' बताया गया है।
इस व्यक्ति पर ईस्ट लंदन के स्टैमफोर्ड में प्रवेश नहीं करने सम्बंधी प्रतिबंध था लेकिन समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक इसने इस प्रतिबंध को धता बताते हुए ओलिंपिक क्षेत्र का दौरा किया। ऐसा माना जा रहा है कि इस दौरे में उसने ओलिंपिक क्षेत्र पर हमले की योजना तैयार की होगी। इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस व्यक्ति की पहचान 'सीएफ' के तौर पर की गई है। उसने रेलगाड़ी से लंदन के कई हिस्सों का दौरा किया और ओलिंपिक क्षेत्र के करीब से होकर गुजरा। इसकी जानकारी अदालत को दी गई है। लंदन ओलिंपिक का आयोजन 27 जुलाई से होना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर इस व्यक्ति को 'आतंकवाद निरोधी एवं जांच दायरे' में रखा गया था। इस तरह के आदेश में किसी व्यक्ति पर स्वतंत्र तौर पर घूमने, कम्प्यूटर के उपयोग और लोगों से मिलने पर पाबंदी होती है।
गृह मंत्रालय का कहना है कि इस व्यक्ति ने छह ब्रिटिश नागरिकों के साथ अल कायदा प्रशिक्षण शिविर में काम किया है और इसे अल कायदा नेता सालेह नाबहान से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। नाबहान को अमेरिकी नेवी सील्स ने 2009 में मार गिराया था।
अदालत को बताया गया है कि यह व्यक्ति आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में फिर से लिप्त होना चाहता है। वह यह काम ब्रिटेन या फिर सोमालिया में करना चाहता है। उसकी इच्छा अपनी इस्लामिक कट्टरपंथी एजेंडे को जिंदा रखने की है।
इस व्यक्ति पर ईस्ट लंदन के स्टैमफोर्ड में प्रवेश नहीं करने सम्बंधी प्रतिबंध था लेकिन समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक इसने इस प्रतिबंध को धता बताते हुए ओलिंपिक क्षेत्र का दौरा किया। ऐसा माना जा रहा है कि इस दौरे में उसने ओलिंपिक क्षेत्र पर हमले की योजना तैयार की होगी। इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस व्यक्ति की पहचान 'सीएफ' के तौर पर की गई है। उसने रेलगाड़ी से लंदन के कई हिस्सों का दौरा किया और ओलिंपिक क्षेत्र के करीब से होकर गुजरा। इसकी जानकारी अदालत को दी गई है। लंदन ओलिंपिक का आयोजन 27 जुलाई से होना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर इस व्यक्ति को 'आतंकवाद निरोधी एवं जांच दायरे' में रखा गया था। इस तरह के आदेश में किसी व्यक्ति पर स्वतंत्र तौर पर घूमने, कम्प्यूटर के उपयोग और लोगों से मिलने पर पाबंदी होती है।
गृह मंत्रालय का कहना है कि इस व्यक्ति ने छह ब्रिटिश नागरिकों के साथ अल कायदा प्रशिक्षण शिविर में काम किया है और इसे अल कायदा नेता सालेह नाबहान से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। नाबहान को अमेरिकी नेवी सील्स ने 2009 में मार गिराया था।
अदालत को बताया गया है कि यह व्यक्ति आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में फिर से लिप्त होना चाहता है। वह यह काम ब्रिटेन या फिर सोमालिया में करना चाहता है। उसकी इच्छा अपनी इस्लामिक कट्टरपंथी एजेंडे को जिंदा रखने की है।