विदेश मंत्रालय ने संसद में जानकारी दी है कि पिछले तीन सालों में गल्फ देशों में 1340 भारतीयों ने आत्महत्या की है. यहां भी 511 मामले तो अकेले यूएई में सामने आए हैं, दूसरे पायदान पर 354 मामलों के साथ सऊदी अरब रहा है, तीसरे पर 162 के साथ कुवेत, चौथे पर 146 के साथ ओमान, पांचवें पर 101 के साथ बहरीन और और छठे पर 66 मामलों के साथ कतर.
अगर सभी देशों की बात करें तो 2023 से 2025 के बीच में 1900 भारतीयों ने सुसाइड किया है। यहां भी 70 फीसदी के करीब मामले अकेले गल्फ कोपरेशन काउंसिल वाले देशों से आए हैं। इसके बाद मलेशिया से 131, अमेरिका से 62, इटली, कनाडा और यूके से 30 मामले सामने आए हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं. आंकड़े बता रहे हैं कि विदेशों में रहे भारतीयों में सुसाइड के मामले पहले की तुलना में बढ़ चुके हैं. 2022 में जब विदेश मंत्रालय ने यह आंकड़ा जारी किया था, तब 2014 से 2022 के बीच आत्महत्या के कुल मामले 4005 दर्ज किए गए थे. अब किस वजह से भारतीयों में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं, इसे लेकर कोई स्पष्ट स्पष्ट जवाब नहीं है.
केंद्र सरकार ने इस बात पर जोर जरूर दिया है कि 'प्रवासी भारतीय बीमा योजना' के तहत विदेशों में रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास है. संसद में जानकारी दी गई है कि इस योजना के तहत दुर्घटना में मौत या विकलांगता की स्थिति में 10 लाख तक का बीमा कवर दिया जाता है. सरकार ने इसके लिए 2 साल का प्रीमियम 275 रुपये और तीन साल का प्रीमियम 375 रुपये रखा है.
ये भी पढ़ें- दलितों को साधने का बड़ा अभियान क्यों छेड़ रही BJP?
वैसे केंद्र सरकार ने आत्महत्या के अलावा दूसरे कारणों से हुई मौत के आंकड़े भी जारी किए हैं. इसमें प्राकृतिक मौत, कार्यस्थल पर हादसे, अपराध जैसे कारण शामिल किए गए हैं. कार्यस्थल पर हादसे की वजह से हुई मौतों के सबसे ज्यादा मामले सऊदी अरब में सामने आए हैं जहां संख्या 182 दर्ज की गई है, यूएई में भी 128 भारतीयों की मौत हुई है. यह संख्या कनाडा में 40, मालदीव में 13 और अमेरिका में 46 दर्ज की गई है.
| हेल्पलाइन | |
|---|---|
| वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ | 9999666555 या help@vandrevalafoundation.com |
| TISS iCall | 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्ध - सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक) |
| (अगर आपको सहारे की ज़रूरत है या आप किसी ऐसे शख्स को जानते हैं, जिसे मदद की दरकार है, तो कृपया अपने नज़दीकी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाएं) | |
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं