- उत्तराखंड की टिहरी झील में जलस्तर घटने से पानी के नीचे छिपी रेत की विशाल परतें सतह पर आ गई हैं
- डोबरा-चांठी पुल के नीचे सूखे क्षेत्र में मिट्टी के ऊंचे-ऊंचे टीले और रेत के टीले दिखाई देने लगे हैं
- स्थानीय लोग तेज हवाओं में उड़ती धूल-रेत को रेत की सुनामी कहकर इस अनोखे दृश्य का वर्णन कर रहे हैं
Uttarakhand Tehri Lake Water: उत्तराखंड की प्रसिद्ध टिहरी झील में इन दिनों एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला नजारा देखने को मिल रहा है. लगातार घट रहे जलस्तर के कारण झील का एक बड़ा हिस्सा सूख चुका है, जिसके बाद पानी के नीचे छिपी रेत की विशाल परतें अब सतह पर आ गई हैं. देश के सबसे लंबे सस्पेंशन ब्रिज 'डोबरा-चांठी पुल' के ठीक नीचे का यह दृश्य इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय गलियारों तक चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है. (टिहरी से मनीष सिंह की रिपोर्ट)
मिट्टी के ऊंचे-ऊंचे टीले दिखाई देने लगे
झील का पानी पीछे हटने की वजह से कई स्थानों पर रेत और मिट्टी के ऊंचे-ऊंचे टीले दिखाई देने लगे हैं, जो पहले पूरी तरह पानी में डूबे रहते थे. जब इस सूखे क्षेत्र में तेज हवाएं चलती हैं, तो उड़ती हुई धूल और रेत को देखकर स्थानीय लोग इसे "रेत की सुनामी" कहकर संबोधित कर रहे हैं. दूर-दूर तक फैली इस सुनहरी रेत का दीदार करने के लिए आसपास के इलाकों और दूर-दराज से पर्यटकों की भारी भीड़ जुट रही है. लोग इस अनोखे 'रेगिस्तानी' नजारे के साथ जमकर तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल गर्मियों के मौसम में झील का जलस्तर कम होना आम बात है, लेकिन इस बार झील के ठीक बीचों-बीच इस तरह का विशाल रेतीला मैदान उभरना बेहद हैरान करने वाला है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल गर्मी की शुरुआत में ही तापमान का बढ़ना, उम्मीद से बेहद कम बारिश होना और बिजली उत्पादन के लिए बांध से लगातार पानी छोड़ना इसके मुख्य कारण हैं. हालांकि, इस जलसंकट और प्राकृतिक बदलाव ने अनजाने में ही सही, पर्यटकों के लिए आकर्षण की एक नई तस्वीर जरूर पेश कर दी है.
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