- उत्तराखंड सरकार ने होम स्टे योजना का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासियों तक सीमित करने का फैसला किया है
- अन्य राज्यों के लोग जो 250 वर्ग मीटर जमीन पर होम स्टे चलाते हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा
- बाहरी लोगों को बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना में शामिल किया जाएगा और उन्हें जीएसटी देना होगा
उत्तराखंड के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए पुष्कर धामी सरकार ने अहम फैसला लिया है. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी होम स्टे योजना का फायदा अब सिर्फ उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा. मतलब यह कि कोई भी बाहरी राज्य में जमीन खरीदकर सरकार की होम स्टे योजना का लाभ नहीं ले सकेगा. राज्य में पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के मद्देनजर सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण है.
होमस्टे पर कौन सा बड़ा फैसला?
धामी सरकार के फैसले के मुताबिक, अन्य राज्यों के जो लोग राज्य के भीतर 250 वर्ग मीटर जमीन खरीदकर इस पर होम स्टे चला रहे हैं, उनको इस योजना का लाभ सरकार नहीं देगी. इन लोगों को बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना में शामिल किया जाएगा. ऐसे लोगों को जीएसटी देना होगा. साथ ही बिजली और पानी की सुविधा भी कमर्शियल रेट पर मिलेगी. धामी कैबिनेट ने इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026 लागू करने का फैसला लिया है.
क्या है होम स्टे योजना?
होम स्टे योजना का फायदा उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को देने का प्रावधान किया गया था.
अब तक कोई भी शख्स होम स्टे योजना का रजिस्ट्रेशन कर 3-4 कमरों में होम स्टे चला रहा था.
इसकी वजह से सरकार को रेवेन्यू का नुकसान हो रहा था. क्यों कि इस योजान में टैक्स नहीं देना पड़ता था.
होम स्टे योजना में बिजली और पानी कनेक्शन भी घरेलू दरों पर दिया जाता था.
बाहरी लोगों को नहीं मिलेगा होमस्टे याजना का लाभ
राज्य सरकार ने कैबिनेट में होमस्टे नीति में संशोधन किया है. पहले होमस्टे में स्थानीय लोगों के साथ अन्य लोगों को भी इस योजना का लाभ मिलता था. लेकिन अब बाहरी इसका लाभ नहीं ले सकेंगे. जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में 6 हजार से ज्यादा होम स्टे हैं, जिससे पर्यटकों को बहुत सुविधा होती है और वहां पर रोजगार का साधन उपलब्ध होता है.
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