- पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में हुई भारी बारिश.
- बारिश की वजह से तूफान पर हैं नदियां, ऋषिकेश में डूबा त्रिवेणी घाट.
- 218 सड़कें मलबे और भूस्खलन के कारण बंद.
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में हुए भारी बारिश होने कई जगह भारी नुकसान पहुंचा है. पौड़ी के द्वारीखाल ब्लॉक के मेहर गांव में भूस्खलन की वजह से एक मकान ढह गया है. हादसे में तीन लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है. इससे पहले देर रात ऋषिकेश की बीन नदी में एक मैक्स वाहन फंस गया था. देर रात ऑपरेशन चलाया गया और दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया. उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र में राज्य में देहरादून-टिहरी बॉर्डर, उधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. साथ ही 19 अगस्त से 22 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है.
भारी बारिश के चलते टिहरी के NH-34 ऋषिकेश-चम्बा मोटर मार्ग पर गुज्जर नाला, पुलिस चौकी प्लासड़ा के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गया है. मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. मार्ग को खोलने के लिए जेसीबी मशीन मौके पर भेजी जा रही है. संबंधित विभाग द्वारा मलबा हटाने का कार्य शुरू कर मार्ग को जल्द यातायात के लिए सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं. वाहन चालकों से मार्ग खुलने तक सावधानी बरतने की अपील की गई है.
भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें
पिथौरागढ़ के धारचूला में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. तवाघाट-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलघाट के पास लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई है. सड़क बंद होने से पूजा-पाठ के लिए गुंजी और कुटी की ओर जा रहे श्रद्धालु रास्ते में फंस गए हैं. मौके पर मौजूद सीमा सड़क संगठन के कर्मचारियों का कहना है कि जब पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरना पूरी तरह बंद हो जाएगा, तभी सड़क खोलने का काम शुरू किया जाएगा. लगातार मलबा गिरने के कारण फिलहाल सड़क खोलने में भी खतरा बना हुआ है.
कहां कितनी बारिश हुई?
राज्य में 100 एमएम से अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में नरेंद्र नगर- 265.0, काशीपुर- 170.0,यमेश्वर- 174.0,कोटद्वार- 141.0,रामनगर- 131.0, सहस्रधारा आईटीआई- 120.5, हाथीबड़कला- 119.5, मालदेवता - 114.0, जस्सर- 100.0. वहीं, 50 मिमी से 100 मिमी के बीच बारिश वाले क्षेत्र में कोटद्वार डीआरएमएस- 89.0, कालाढूंगी- 83.5, स्यूंसी - 78.0, यमेश्वर डीआरएमएस- 75.0, जौलीग्रांट- 72.4, गुलार भोज- 71.5, बाजपुर- 71.0, मोहकमपुर- 70.5, लक्सर- 70.5, सुल्तानपुर पट्टी- 70.5,देहरादून- 70.6,किच्छा- 69.0,मसूरी- 65.5,कीर्तिनगर- 65.0, डंगोली- 63.0, पुरोला- 60.0, खानपुर- 57.0, सामा- 56.0, पौड़ी - 56.0, रामनगर- 53.0, दीदीहाट डीआरएमएस- 52.4, हरिपुर- 52.2, लैंसडाउन- 50.0 एमएम बारिश हुई.
13 जिलों में 218 सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद
बारिश के चलते उत्तराखंड के 13 जिलों में लगभग 218 सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हैं. उत्तराखंड के 13 जिलों में सबसे ज्यादा चमोली जिले में सड़के बंद हैं. चमोली में लगभग 42 सड़के बंद हैं. अल्मोड़ा में 12, बागेश्वर में 7, चंपावत में 7, देहरादून में 11, नैनीताल में 27, पौड़ी में 33 ,पिथौरागढ़ में 39 ,रुद्रप्रयाग में 10, टिहरी में 17 और उत्तरकाशी में 11 सड़के बंद है. मॉनसून में हुई अब तक की बारिश की वजह से 247 करोड़ का नुकसान सड़कों में हुआ है.
पौड़ी गढ़वाल में कम हुई बारिश
राज्य में 1 जून 2026 से 18 अगस्त 2026 तक कई जिले ऐसे हैं जिसमें अभी भी बारिश का प्रतिशत बेहद कम है. सबसे ज्यादा बागेश्वर में 151% बारिश हुई है, सबसे कम प्रतिशत में पौड़ी गढ़वाल में 49% बारिश कम हुई है, अन्य जिलों में अल्मोड़ा में 5%, चमोली में 63%, टिहरी में 30%, हरिद्वार में 16% बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं, कम प्रतिशत वाले जिले में चंपावत में माइनस 34%, देहरादून माइनस 4%,नैनिताल में माइनस 35 %,रुद्रप्रयाग में माइनस 7%, उधम सिंह नगर में माइनस 10% उत्तरकाशी में माइनस 8% बारिश रिकॉर्ड की गई है.
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