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Meat Selling Ban: हरिद्वार में मांस बेचने पर पाबंदी! निगम ने मीट दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव किया पारित

नगर निगम के फैसले के अनुसार, शहर में संचालित सभी कच्चे मांस की दुकानों को निगम क्षेत्र के पास स्थित सराय इलाके में स्थानांतरित किया जाएगा. इसके लिए नगर निगम पहले ही लगभग 57 दुकानों का निर्माण करवा चुका है, जहां इन व्यवसायों को व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट किया जाएगा.

Meat Selling Ban: हरिद्वार में मांस बेचने पर पाबंदी! निगम ने मीट दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव किया पारित
हरिद्वार में मांस बेचने पर पाबंदी! निगम ने मीट दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव किया पारित
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Meat selling ban in Haridwar: तीर्थ नगरी हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा और परंपराओं को बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, नगर निगम की बोर्ड बैठक में कच्चे मांस की दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित किया गया है. यह निर्णय नगर निगम के बायलॉज के अनुपालन में लिया गया है, जिसके तहत निगम क्षेत्र में मांस और नॉनवेज की बिक्री प्रतिबंधित है.

नगर निगम के फैसले के अनुसार, शहर में संचालित सभी कच्चे मांस की दुकानों को निगम क्षेत्र के पास स्थित सराय इलाके में स्थानांतरित किया जाएगा. इसके लिए नगर निगम पहले ही लगभग 57 दुकानों का निर्माण करवा चुका है, जहां इन व्यवसायों को व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट किया जाएगा. प्रस्ताव पारित होने के बाद आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर जल्द ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद यह प्रक्रिया पर तेज़ी से काम शुरू कर दिया जाएगा.

 विरोध के बीच पास हुआ प्रस्ताव

नगर निगम की बैठक में इस प्रस्ताव को लेकर काफी बहस और विरोध भी देखने को मिला. कुछ पार्षदों ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई, जिसके चलते बैठक में तनावपूर्ण माहौल बन गया. हालांकि, आखिरकार बहुमत से यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया.

मेयर किरण जैसल ने बताया सहमति का फैसला

मेयर किरण जैसल ने बताया कि कच्चे मांस की दुकानों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव पहले भी सामने आया था, जिसे अब बोर्ड की सहमति के साथ पारित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए इन दुकानों को सराय क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा.

57 दुकानों को किया जाएगा शिफ्ट

नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, रविवार को हुई निगम की बैठक में कुल 47 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव कच्चे मांस की दुकानों को निगम क्षेत्र से बाहर शिफ्ट करना है. उन्होंने बताया कि बायलॉज लागू होने के बाद 57 दुकानों को चिन्हित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा.

संत समाज ने किया स्वागत

श्री परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह तीर्थ नगरी की आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव में देर जरूर हुई, लेकिन यह निर्णय सराहनीय है. अधीर कौशिक ने आगे कहा कि हरिद्वार की धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के लिए नॉनवेज की बिक्री पर और सख्ती होनी चाहिए. उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से हो रही मांस बिक्री पर भी नियंत्रण की मांग की. साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 1916 में भी ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हरिद्वार की मर्यादा बनाए रखने के लिए इसी तरह के कदम उठाए गए थे.

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नगर निगम का यह निर्णय हरिद्वार की धार्मिक पहचान और गंगा नदी की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.  प्रशासन का मानना है कि इस कदम से तीर्थ नगरी की परंपराएं और धार्मिक वातावरण सुरक्षित रहेगा. आने वाले दिनों में इस फैसले के क्रियान्वयन के बाद शहर में मांस बिक्री पूरी तरह से नियंत्रित हो जाएगी और हरिद्वार की धार्मिक छवि को और मजबूती मिलेगी. 

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