Haridwar Drug Inspector: उत्तराखंड के हरिद्वार की ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती पर भ्रष्टाचार और अवैध धन उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं. लेने-देन से जुड़े व्हाट्सएप के कुछ स्क्रीनशॉट भी सामने आए हैं. इसके लेकर प्राइड फार्मा कंपनी के प्रतिनिधियों ने उनके सस्पेंशन और आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की है. प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर कंपनी प्रतिनिधियों और कांग्रेस के युवा नेता ने अपनी बात रखी.
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैश खुराना ने बताया कि उन्होंने दवा निर्माण लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. इसके बाद उन्हें शिवालिक नगर स्थित कार्यालय बुलाया गया, जहां दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए. आरोप है कि इसके बाद एक व्हाट्सएप नंबर के जरिए 15 हजार रुपये की मांग की गई, जिसमें से 10 हजार रुपये एक खाते में जमा कराए गए और बाकी राशि भी मांगी गई.

लाखों की वसूली के आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि लाइसेंस प्रक्रिया के दौरान कई बार में उनसे लाखों रुपये की वसूली की गई. कंपनी प्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता में प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती को तत्काल सस्पेंड किया जाए और उनकी संपत्ति की भी जांच की जाए.
ड्रग इंस्पेक्टर बोलीं, झूठे और भ्रामक आरोप
इस मामले में NDTV ने ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, लेकिन आधिकारिक रूप से उन्होंने कुछ नहीं कहा. हालांकि, उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होनें कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें उन पर कुछ झूठे और भ्रामक आरोप लगाए गए हैं. यह पूरा मामला स्टेशनरी सामान से संबंधित है, जिसकी वास्तविकता तथ्यों के साथ जल्द ही प्रस्तुत की जाएगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं