देहरादून के ओल्ड मसूरी रोड स्थित थानी गांव इन दिनों अपनी महिलाओं की वजह से चर्चा में है. गांव में बढ़ते नशे के कारोबार और बाहरी लोगों की लगातार आवाजाही से परेशान महिलाओं ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है. करीब 30 से 35 महिलाएं दिन और रात में अलग-अलग समय पर गांव की निगरानी कर रही हैं. हाथों में लाठी-डंडे लेकर ये महिलाएं हर आने-जाने वाले पर नजर रखती हैं और संदिग्ध दिखने पर पूछताछ भी करती हैं.
गांव में बढ़ा नशे का कारोबार
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गांव में भांग और गांजे की खरीद-फरोख्त बढ़ गई थी. हालत यह हो गई थी कि बाहरी युवक और युवतियां गांव में नशा लेने पहुंचने लगे थे. कई बार लोगों ने घरों के दरवाजे खटखटाकर भी नशे की पुड़िया मांगी. इससे गांव की महिलाएं और परिवार बेहद परेशान थे.

रात को पहरा देते हुए महिलायें
तीन शिफ्ट में चल रहा निगरानी अभियान
महिलाओं ने गांव के मंदिर को अपना केंद्र बनाया है. यहां इकट्ठा होकर वे तीन शिफ्ट में निगरानी करती हैं. महिलाओं का कहना है कि उनका मकसद किसी से विवाद करना नहीं बल्कि गांव के माहौल और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखना है. गश्त के साथ-साथ वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही हैं ताकि नशे के खिलाफ सामाजिक माहौल तैयार किया जा सके.

350 परिवारों की चिंता ने बनाया आंदोलन
करीब 350 परिवारों वाले इस गांव में महिलाओं को डर है कि नशे का प्रभाव युवाओं और स्कूली बच्चों तक पहुंच रहा है. उनका कहना है कि आसपास के कई स्कूल और कॉलेजों के छात्र भी यहां जंगलों में नशा करने आते थे. यही वजह है कि महिलाओं ने एकजुट होकर यह अभियान शुरू किया.
पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
महिलाओं का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नियमित पुलिस गश्त नहीं हो रही है. अब वे जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग करने की तैयारी में हैं. गांव की महिलाओं का कहना है कि जब तक नशे के कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लगती तब तक उनका अभियान जारी रहेगा. उनका दावा है कि निगरानी शुरू होने के बाद बाहरी लोगों की आवाजाही कुछ कम हुई है लेकिन खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
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