- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले 24 अक्टूबर को 11 एमएलसी सीटों के लिए मतदान आयोजित किया जाएगा
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमएलसी चुनावों में पार्टी की बढ़त के लिए खुद मोर्चा संभाल रखा है
- सपा ने चुनाव में अपनी जीत का दावा करते हुए भाजपा के प्रयासों को चुनाव हारने का संकेत बताया है
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले एमएलसी के चुनाव प्रस्तावित है. 24 अक्टूबर को एमएलसी की वोटिंग होनी है. 11 सीटों के लिए यह वोटिंग होनी है. इन चुनाव को बीजेपी ने विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल का ट्रीटमेंट दिया है. खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है. मुख्यमंत्री जिन क्षेत्र में चुनाव है, वहां खुद जा रहे हैं. दोनों उप-मुख्यमंत्री की ड्यूटी भी लगा रखी है. इसके साथ ही अपने कैबिनेट के मंत्रियों की भी ड्यूटी लगा रखी है.
पूरी की पूरी बीजेपी एक्टिव
मुख्यमंत्री की इच्छा है कि बीजेपी को इन चुनाव में बढ़त मिले ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी इसका प्रभाव रहे. एक तरफ मुख्यमंत्री प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांग रहे हैं और बड़े-बड़े सम्मेलन कर रहे हैं तो दूसरी ओर संघ की तरफ से भी बैठक जारी है. बूथ स्तर पर रणनीति बनी है. मुख्यमंत्री ने वाराणसी में इसकी शुरुआत की थी, इसके बाद गोरखपुर में रहकर भी रणनीति बनाई. प्रयागराज में मोर्चा संभाला. आगरा में भी मुख्यमंत्री की जाने की योजना है. सोमवार को गोरखपुर, मंगलवार को बरेली में मुख्यमंत्री ने सभा की थी. बृजेश पाठक लगातार लखनऊ में बैठक कर रहे हैं. केशव प्रसाद मौर्य का फोकस प्रयागराज पर है. संगठन मंत्री धर्मपाल और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अलग-अलग सीटों के लिए रणनीति बना रहे हैं.
सीएम योगी के भाषण चर्चा में
इन चुनावों के प्रचार में मुख्यमंत्री के दिए भाषण लगातार चर्चा में बने हुए हैं. बरेली में मुख्यमंत्री ने अपने उम्मीदवार हरि सिंह ढिल्लों के समर्थन में रैली करते हुए कहा कि यूपी में दंगाइयों को बाप-दादाओं की कमाई से हाथ धोना पड़ेगा. वाराणसी के मुख्यमंत्री ने प्रचार में कहा था कि परिवारवाद, शिक्षा विरोधी, माफिया और पिछलग्गू माफिया की कब्र पर जाकर फतिया पढ़ने वालों को सदन कतई मत भेजें. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सपा और कांग्रेस को जोड़ने में नहीं तोड़ने में मजा आता है, पर अब हम बटेंगे नहीं.
सपा अपने में मस्त
योगी आदित्यनाथ के इस चुनावी मैनेजमेंट पर समाजवादी पार्टी उन्हें घेर रही है. सपा प्रवक्ता आजम खान का कहना है कि सपा अपनी जीत के लिए आश्वस्त है. बीजेपी की तरह इवेंट मैनेजमेंट और मुख्यमंत्री के जरिए वोट लाने की सपा को जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा को पता है कि वह चुनाव हार रही है, इसलिए इतना प्रयास कर रही है, पर जीत सपा की होगी. आजम खान के बयान पर भाजपा प्रवक्ता अंकुश का कहना है कि भाजपा अपनी जीत के लिए अस्वस्थ है मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भाजपा को जीत मिलेगी.
(रिपोर्ट-अजय दूबे)
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