लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली संकट और बढ़े हुए बिजली बिलों के बीच UPPCL के चेयरमैन IAS डॉ. आशीष कुमार गोयल और योगी सरकार में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा आमने-सामने आ गए हैं. मंत्री शर्मा ने IAS आशीष कुमार गोयल को पत्र लिखकर उनके फैसलों पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि बिना मुझसे प्रदेश में पूछे बिजली महंगी क्यों की गई, मेरे विभाग के फैसले मुझे न्यूज चैनल से पता चलते हैं. मना करने के बाद भी अनुभवी कर्मचारियों को निकालकर नए लोगों की भर्ती क्यों की जा रही है. आप बिना बताए मुख्यालय से कहां गायब रहते? ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के पत्र के सामने आने के बाद दोनों के बीच की टकराहट खुलकर सामने गई है, जिससे प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा सकती है. आइए, विस्तार से जानते कि ऊर्जा मंत्री अपने पत्र में क्या क्या मुद्दे उठाए हैं.
मना करने के बाद भी छटनी क्यों की जा रही?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की ओर से UPPCL के चेयरमैन IAS आशीष कुमार गोयल को लिखे गए पत्र का विषय सरकार की मंशा के विपरीत कार्यशैली को बंद करना है. उन्होंने अपने पत्र में 4 मुद्दे उठाए हैं. पहला- UPPCL से अनुभवी कर्मचारियों को निकालकर जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के तहत अन्य कर्मचारियों की भर्ती करना. पत्र में उर्जा मंत्री ने कहा कि मेरे बार-बार मना करने के बाद भी कुशल कर्मचारियों की छटनी बंद नहीं की गई, जिसके परिणाम हमें भुगतने पड़ रहे हैं.

सरकार को बदनाम करने वाले कर्मचारियों का तबादला करें
मंत्री ने कहा- गर्मी के चुनौतीपूर्ण समय में बहुतायत विद्युत कर्मियों ने निष्ठापूर्वक कार्य किया है, लेकिन कुछ कार्मेयों ने जानबूझकर और लापरवाह तरीके से काम करते हुए सरकार को बदनाम किया है. ऐसे कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, इनका ट्रासफर कर इसकी विस्तृत जानकारी मुझे दी जाए.
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हेडक्वार्टर छोड़ने से पहले मुझे बताएं
मंत्री शर्मा ने कहा- मई महीने में आंधी तूफान के कारण विद्युत अवसंरचना (इलेक्ट्रिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर) बुरी तरह प्रभावित हुई है. 28-29 मई 2026 को विशेष नुकसान हुआ था, प्रदेश के उपभोक्ताओं को परेशानी न हो इसके लिए रिपेयरिंग और रेस्टोरेशन का कार्य युद्ध स्तर पर हो इसके लिए शनिवार 30 मई 2026 को समीक्षा बैठक आयोजित करनी थी. इसके लिए आपसे (UPPCL चेयरमैन आशीष कुमार गोयल) संपर्क करने पर पता चला कि ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में आप हेडक्वार्टर से बाहर हैं, और 31 तक बाहर ही रहेंगे. बाद में यह बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई. किसी भी उच्च अधिकारी का यह व्यवहार गैर जिम्मेदाराना और जनहित के विपरीत है. आगे से हेडक्वार्टर की सूचना मुझे दें.
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सरचार्ज बढ़ाने की जानकारी मीडिया से मिली
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