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UP SIR: अपना शहर छोड़ 10 साल से नोएडा में रह रहे हैं, SIR में कट गया नाम? जानें ऐसे में क्या करें

SIR की प्रक्रिया के बाद अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या फिर आप शिफ्ट हो गए लेकिन वोटर आईडी कार्ड में आपका पता नहीं बदला है तो आपको क्या करना है. ऐसी स्थिति में आपके पास सुधार के लिए एक महीने से ज़्यादा का समय है.

UP SIR: अपना शहर छोड़ 10 साल से नोएडा में रह रहे हैं, SIR में कट गया नाम? जानें ऐसे में क्या करें
चुनाव आयोग ने SIR के बाद यूपी का ड्रॉफ्ट रोल जारी कर दिया है.
  • उत्तर प्रदेश में SIR के बाद ड्रॉफ्ट रोल जारी हुआ, जिसमें 2.89 करोड़ मतदाता कम हुए हैं.
  • वोटर आईडी में पता बदलने के लिए फॉर्म आठ भरना होता है, जिसमें नए पते का प्रमाण भी देना आवश्यक है.
  • फॉर्म 8 भरने के बाद आमतौर पर 3 से 4 सप्ताह में एड्रेस अपडेट होता है, लेकिन SIR के दौरान ज्यादा समय लगेगा.
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UP SIR Draft Roll: मंगलवार 6 जनवरी को चुनाव आयोग ने यूपी में हुए SIR के बाद ड्रॉफ्ट रोल जारी किया. ड्रॉफ्ट रोल के अनुसार राज्य में 2.89 करोड़ मतदाता कम हो गए. इसमें करीब 2.17 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जो मूल स्थान से शिफ्ट हो गए. जिस कारण करीब 2.17 करोड़ मतदाताओं का एन्युमेरिकेशन फॉर्म या फिर कहे गणना प्रपत्र जमा नहीं हो पाया. इसे आसाना भाषा में समझें तो कोई इंसान जिसका जन्म लखनऊ या यूपी के किसी अन्य जिले में हुआ हो, लेकिन बाद में वो काम-काज के सिलसिले में नोएडा या फिर किसी और शहर में शिफ्ट हो गया, तब उसका लखनऊ के वोटर लिस्ट से नाम हट जाएगा.

SIR में कट गया नाम, अब क्या करें?

यदि आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है और इस कारण परेशान हो रहे हैं, तो चिंता नहीं कीजिए. इस रिपोर्ट में हम आपके सभी सवालों का जवाब दे रहे हैं. जिनका वोटर ID पहले लखनऊ में बना था, लेकिन वो पिछले 10 साल से नोएडा में रह रहे हैं तो फिर ऐसे में कैसे अपना वोटर कार्ड शिफ्ट कराए. यह भी बताएंगे कि दोनों जगह में से आपको कहाँ का वोटर आईडी कार्ड बनवाना चाहिए?

नाम जुड़वाने के लिए क्या करना होगा?

सबसे पहले तो यह जानना बहुत जरूरी है कि SIR की प्रक्रिया के बाद अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या फिर आप शिफ्ट हो गए लेकिन वोटर आईडी कार्ड में आपका पता नहीं बदला है तो आपको क्या करना है. ऐसी स्थिति में आपके पास सुधार के लिए एक महीने से ज़्यादा का समय है. फाइनल वोटर लिस्ट 6 मार्च को पब्लिश होने के बाद भी आप यह काम करवा सकते हैं.

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वोटर लिस्ट में कैसे जुड़वाएं नाम?

  • वोटर आईडी कार्ड में एड्रेस को बदलने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट या BLO से फॉर्म 8 मांगें.
  • फॉर्म 8, का उपयोग मतदाता सूची में शिफ्टिंग और ग़लतिया को सही करने के लिए भरा जाता है.
  • फॉर्म में अपना पता और वोटर आईडी नंबर दर्ज करे.
  • साथ ही जिस नए एड्रेस पर शिफ्ट हो रहे हैं, उसकी जानकारी दें.
  • उसके साथ नए पते के प्रूफ का दस्तावेज दें.
लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस फॉर्म को भरते समय अगर आपने कोई गलत जानकारी दी तो उसके लिए एक साल की जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है.

फॉर्म 8 भरने के बाद कितने दिन में होगा सुधार?

  • फॉर्म 8 भरने के बाद आप इसे BLO को दे दें. यदि ऑनलाइन भर रहे हैं तो सब दस्तावेज देने के बाद उसे सबमिट कर दें.
  • फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट स्लिप या पावती मिलेगी.
  • फॉर्म भरने के बाद अमूमन 3-4 सप्ताह का समय लगता है एड्रेस बदलने में.

SIR के दौरान सुधार में लगेगा ज्यादा समय

यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी चल रहे एसआईआर के दौरान फॉर्म 8 तो भर के दे सकते हैं. लेकिन इस दौरान इसको प्रोसेस नहीं किया जाता. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि, एक बार एसआईआर पूरा हो जाए उसके बाद फॉर्म 8 वाले फॉर्म को पूरा किया जाता है.

भारत का वोटर बनने की 3 अहम शर्तें

इसका उत्तर है, जहां आप वर्तमान में रह रहे हैं, उस पते का वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए. वोटर बनने के लिए तीन नियम हमारे संविधान में बताए गया है. पहला, भारत का नागरिक होना चाहिए, दूसरा न्यूनतम 18 साल की उम्र होनी चाहिए और तीसरा, जिस निर्वाचन क्षेत्र में रह रहे हैं, वहां का ‘सामान्य निवासी' होना चाहिए.

लखनऊ या नोएडा कहां का वोटर ID बनवाना चाहिए?

ऐसे में अगर आप लखनऊ के रहने वाले हैं लेकिन 10 साल से नोएडा में रह रहे हैं तो फिर आप वहां के सामान्य निवासी हुए. ऐसे में नोएडा के पते का ही वोटर आईडी कार्ड बनाना चाहिए ना की लखनऊ का. एसआईआर की प्रक्रिया में देखने को मिल रहा है कि ज्यादातर बड़े शहरों में अलग-अलग शहरों से आए लोग आकर रहते हैं. लेकिन वोटर आईडी अपने जिले में बनवा रहे हैं. इसलिए उन शहरों में वोटर लिस्ट से नाम हटाने की संख्या ज़्यादा है. उदाहरण के लिए - लखनऊ, कोलकाता, पटना, इंदौर और भी बहुत से बड़े ज़िले.

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