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This Article is From Jan 09, 2026

यूपी में SIR ने बढ़ाया बीजेपी का सरदर्द, केंद्रीय नेतृत्व ने क्यों लिया मामला हाथों में, जान लीजिए

यूपी में 2.89 करोड़ नाम काट दिए गए जो देश के बारह राज्यों में सर्वाधिक है. दूसरे चरण के तहत इन बारह राज्यों में एसआईआर हो रहा है. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से नेताओं की बैठक की थी जिसमें सभी सांसद, विधायक, एमएलसी, मंत्री, संगठन के नेता और जिला अध्यक्ष शामिल थे.

यूपी में SIR ने बढ़ाया बीजेपी का सरदर्द, केंद्रीय नेतृत्व ने क्यों लिया मामला हाथों में, जान लीजिए
उत्तर प्रदेश में एसआईआर

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान एसआईआर में शहरी क्षेत्रों बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने के बाद बीजेपी ऐक्शन मोड में आ गई है. सूत्रों के अनुसार पार्टी आलाकमान ने ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष और यूपी से राज्य सभा सांसद के लक्ष्मण को तैनात कर दिया है. साथ ही, हर दिन बूथ वार रिपोर्ट केंद्रीय मुख्यालय को भेजने को कहा गया है, जिसमें यह बताना होगा कि नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म 6 भरवाने के अभियान में क्या प्रगति हुई है.

मंगलवार को चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है. यूपी में 2.89 करोड़ नाम काट दिए गए जो देश के बारह राज्यों में सर्वाधिक है. दूसरे चरण के तहत इन बारह राज्यों में एसआईआर हो रहा है. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से नेताओं की बैठक की थी जिसमें सभी सांसद, विधायक, एमएलसी, मंत्री, संगठन के नेता और जिला अध्यक्ष शामिल थे. गुरुवार को भी प्रदेश संगठन की बैठक हुई जिसमें मौजूदा हालात पर चिंतन किया गया. इस बैठक में के लक्ष्मण और प्रदेश के संगठन महासचिव धर्मपाल मौजूद थे.

बैठक में कहा गया कि सबसे अधिक वोट लखनऊ में लगभग 30% कटे हैं. गाज़ियाबाद में 28% वोट काट दिए गए. इसी तरह बलरामपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, सहारनपुर, आगरा जैसे सभी बड़े शहरों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं. बीजेपी का आकलन है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी बीजेपी समर्थक वोटरों के नाम कट गए हैं. कई ऐसी विधानसभाएँ हैं जो बीजेपी ने पिछले चुनाव 5,000 से 20,000 वोटों से जीती लेकिन वहां लगभग 1 लाख वोट कट गए. 

पार्टी के विधायकों को युद्ध स्तर पर काम करने को कहा गया है. उनसे कहा गया है कि उन्हें ऐसे कार्य करना चाहिए जैसे वे स्वयं अपना चुनाव लड़ रहे हों, क्योंकि यही वोट भविष्य में उनके काम आएंगे. यह कहा गया कि वर्तमान में पदाधिकारियों को विधानसभा, मंडल और वार्ड स्तर तक  फॉर्म-6 पहुँचाने होंगे. सभी जिला अध्यक्षों, एमएलसी, विधायक, सांसद एवं मंत्री आदि सभी को इस काम में लगने को कहा गया है. ये भी कहा गया है कि जहाँ-जहाँ बीजेपी के सांसद या विधायक नहीं हैं, वहां एमएलसी एवं राज्यसभा सांसदों की ड्यूटी लगाई जाए. 

पार्टी की ओर से कहा गया है कि जमकर मेहनत करनी होगी ताकि पार्टी को नुक़सान न हो. साथ ही यह निर्देश भी दिया गया कि अब से प्रतिदिन बूथ स्तर तक की रिपोर्ट शाम को केंद्रीय कार्यालय भेजनी होगी. विशेष रूप से शहरों के वोटों पर अधिक ध्यान देने को कहा गया है. यह बोला गया है कि सभी पार्टी नेताओं को इसके अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करना है.

पार्टी ने सभी जिलों के जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे जिले में 10 लोगों की टीम बनाएं और प्रतिदिन शाम को प्रदेश कार्यालय को रिपोर्ट भेजें.17 जनवरी को इस अभियान की समीक्षा होगी. इसमें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. सभी पदाधिकारियों को बूथ पर उपस्थित रहने को कहा गया है. 

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