- उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट रोल जारी कर दिया गया है, लाखों वोटर्स के कटे नाम
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के क्षेत्र लखनऊ में तीस प्रतिशत से ज्यादा वोटरों के नाम कटे हैं
- कानपुर नगर में छब्बीस प्रतिशत वोटरों के नाम कटे हैं जो अवध बेल्ट में सबसे अधिक है
उत्तर प्रदेश में SIR का पहला ड्राफ्ट सामने आ चुका है अब सवाल यह उठता है कि लोकसभा चुनाव के बाद स्थिति कितनी बदली बदली है. लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में बैकफुट पर रहना पड़ा था जहां बीजेपी को केवल 33 सीट मिली थी. एनीडीटीवी की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए पूरा आंकड़ा.
लखनऊ में सबसे ज्यादा कटे नाम
अगर सीटवार कटे हुए वोटरों की बात करें तो लखनऊ में 30% से ज्यादा वोटो के नाम कटे हैं. गाजियाबाद में 29 प्रतिशत वोटरो के नाम कटे हैं. गौतमबुद्ध नगर में 24% वोटरों के नाम कटे हैं. आगरा में 23% वोटरों के नाम कटे हैं. अलीगढ़ में 19% वोटरों के नाम कटे हैं. हेमा मालिनी के संसदीय क्षेत्र मथुरा में 19% लोगों के नाम कटे हैं. हाथरस में 16% लोगों के नाम कटे हैं. बुलंदशहर में 15% वोटो के नाम कटे हैं। पीलीभीत में 14% वोटरों के नाम कटे हैं. शाहजहांपुर में 22% वोटो के नाम कटे हैं. अमरोहा से 14% फर्रुखाबाद से 21% वोट कटे हैं.
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कानपुर में 26 फीसदी वोटर्स कम
अवध की बेल्ट में अगर देखा जाए तो कानपुर नगर में 26% वोटरों के नाम कटे हैं. साक्षी महाराज की सीट उन्नाव में 18% वोटो के नाम कटे हैं हरदोई में 18% वोटरों के नाम कटे हैं. गोंडा में 18% वोटरों के नाम कटे बहराइच में 20% वोटरों के नाम कटे हैं. कैसरगंज में 20% वोटरों के नाम काटे हैं.
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वाराणसी सीट का भी जानें आंकड़ा
पूर्वांचल की अगर बात की जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट में 18% वोटो के नाम कटे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इलाके गोरखपुर से 18% वोट कटे हैं. महाराजगंज में 15% वोट कटे हैं. मिर्जापुर में 18 प्रतिशत वोट कटे हैं भदोही में 17 प्रतिशत वोट कटे हैं. राजनीतिक विश्लेषक योगेश मिश्रा का कहना है अभी इन आंकड़ों की गहन रीजनिंग की जरूरत है. पर यह तय है कि बड़े पैमाने पर वोटर काटने पर बीजेपी को घाटा होगा पर बिहार SIR की ट्रेंड से लगता है विपक्ष के लिए भी चुनौती बड़ी है.
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