उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित राजकीय बालिका गृह में एक लड़की की हत्या के मामले में नाबालिग लड़कियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा है कि उन्हें निगरानी में रहना अच्छा नहीं लग रहा था, इसलिए वे कुछ ऐसा करना चाहती थीं जिससे बालिका गृह बंद करके सभी लड़कियों को उनके घर वापस भेज दिया जाए.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महिला और बाल विकास विभाग द्वारा संचालित राजकीय बालिका गृह के बाथरूम से शुक्रवार को 14 वर्षीय लड़की का शव बरामद किया गया था. उन्होंने बताया कि शुरू में लगा कि उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होने की पुष्टि हुई.
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया था. उन्होंने राजकीय बालिका गृह के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराई थी. सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि शुक्रवार को 11 बजे पांच नंबर कमरे में रहने वाली तीन किशोरियां एक साथ नहाने गई थीं और करीब 40 मिनट बाद उनमें से दो तो नहाकर बाहर आ गईं, लेकिन तीसरी वहीं रह गई.
बालिका गृह की अधीक्षक प्रगति खरे ने बताया कि खुलासा होने के बाद जब दोनों संदिग्ध लड़कियों से पूछताछ की गई तो पहले तो वे पुलिस को गुमराह करती रहीं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज दिखाने पर उन्होंने हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया.
पुलिस के अनुसार आरोपी लड़कियों का कहना है कि उन्हें बालिका गृह में रहना अच्छा नहीं लग रहा था, इसलिए वे कुछ ऐसा करना चाहती थीं कि जिससे बालिका गृह बंद करके सभी लड़कियों को उनके घर वापस भेज दिया जाए.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक लड़कियों ने बताया कि उन्होंने 14 वर्षीय लड़की का सिर पानी की बाल्टी में डालकर तब तक डुबोए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई.उन्होंने बताया कि इस पर बालिका गृह की अधीक्षक प्रगति खरे की तहरीर पर सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस उपाधीक्षक सदर वरुण मिश्रा ने बताया है कि आरोपियों के बयान परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मेल खाने के बाद तीन नाबालिग लड़कियों समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की गई है. दूसरी ओर, जिलाधिकारी ने जिला न्यायाधीश को पत्र भेजकर पूरे मामले की न्यायिक जांच का अनुरोध किया है.
सूत्रों के मुताबिक आरोपी लड़कियों की उम्र 14 और 15 वर्ष है.पुलिस ने बताया कि वे अपने पुरुष मित्रों के साथ घर छोड़कर चली गई थीं, जिसके बाद उन्हें बरामद करके यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज मामले के सिलसिले में मथुरा भेजा गया था. वे क्रमश: अलीगढ़ और पीलीभीत की रहने वाली थीं.
पुलिस के अनुसार मृतक बरेली की रहने वाली थी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसके जन्म के कुछ ही दिन बाद उसके पिता का देहांत हो गया था और मां के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के बाद उसे मथुरा के बालिका गृह भेज दिया गया था. सूत्रों ने बताया कि बाद में उसकी मां का भी देहांत हो गया था. पुलिस ने शनिवार शाम को लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
इनपुट: भाषा
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