अयोध्या की एक अदालत ने चर्चित भदरसा गैंगरेप केस में समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को बरी कर दिया है. मामले में DNA जांच रिपोर्ट ‘निगेटिव' आने के बाद मुख्य आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को बुधवार को बरी किया गया. विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) निरुपमा विक्रम ने खान (66) को बरी कर दिया और उनके नौकर राजू को दोषी करार दिया. यह मामला 12 साल की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने से जुड़ा है. भदरसा पुलिस थाने में 29 जुलाई, 2024 को मोईद खान और उनके नौकर राजू के मामला खिलाफ दर्ज किया गया था.
सपा नेता ने वकील ने बताया निगेटिव आई डीएनए रिपोर्ट
मोईद खान के वकील सईद खान ने बताया कि अदालत ने मोईद के नौकर राजू को बुधवार को दोषी करार दिया. उन्होंने बताया कि मोईद खान और राजू के डीएनए की जांच की गई थी जिसमें खान की डीएनए जांच ‘निगेटिव' आई, जबकि राजू की डीएनए जांच सकारात्मक आई, इसके आधार पर अदालत ने यह निर्णय दिया. मालूम हो कि इस केस में नाम आने के बाद सपा नेता के शॉपिंग कॉप्लेक्स पर बुलडोजर भी चला था. इस केस में सपा नेता को जेल भी जाना पड़ा था.
पीड़िता की मां ने कोर्ट में स्वीकारा- राजनीतिक दवाब में दर्ज कराया केस
कोर्ट में सपा नेता का डीएनए रिपोर्ट मैच नहीं हुआ. घटना के दौरान वीडियो बनाए जाने का दावा किया गया था, लेकिन कोई वीडियो सबूत के तौर पर अदालत में पेश नहीं हुआ. पुलिस विवेचना में घटनास्थल को लेकर कई विरोधाभास सामने आए. कभी बेकरी के बाहर पेड़ के नीचे, तो कभी बेकरी के अंदर घटना होना बताया गया. अदालत में पीड़िता की मां ने स्वीकार किया कि मुकदमा राजनीतिक दबाव में दर्ज कराया गया था.
बेकरी और शॉपिंग कॉप्लेक्स पर चला था बुलडोजर
मोईद खान के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद पिछले वर्ष 22 अगस्त को मोईद खान का बहुमंजिला शॉपिंग कांप्लेक्स अयोध्या जिला प्रशासन ने ढहा दिया था. साथ ही 3,000 वर्ग फुट क्षेत्र में निर्मित एक बेकरी भी ढहा दी गई थी. दुष्कर्म पीड़िता का लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल में सात अगस्त को चिकित्सकों ने गर्भपात किया था.
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