समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान पर 2019 में दर्ज भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में कोर्ट नें बरी कर दिया है. यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी ने दर्ज कराया था. इसमें आजम खान पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगाए गए थे. इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अंतिम बहस पूरी की जा चुकी थी. रामपुर की एक एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए आजम खान को आरोपों से बरी कर दिया.
अदालत ने फैसला सुनाते हुए क्या कहा
एमपी-एमएलए कोर्ट के अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश अमित वीर सिंह ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष अपने केस को साबित करने में नाकाम रहा. यह फैसला आजम खान के लिए बड़ी राहत है. लेकिन कई और मामलों की वजह से वो अभी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.
-
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
शिकायत के मुताबित आजम खान ने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार करते हुए 23 अप्रैल को रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र के खटानागरिया गांव में एक जनसभा को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने तत्कालीन रामपुर डीएम अन्जनेय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उम्मीदवार संजय कपूर पर तीखी टिप्पणियां की थीं. अभियोजन पक्ष का आरोप था कि खान ने चुनाव आयोग को भ्रष्ट बताते हुए मतदाताओं को ध्रुवीकरण के लिए उकसाया. यह भारतीय दंड संहिता और पीपुल्स रिप्रजेंटेशन एक्ट के तहत अपराध है.
आजम खान करीब 23 महीने जेल में गुजारने के बाज 23 सितंबर को जेल से रिहा हुए थे. वो 23 महीने सीतापुर की जेल में बंद रहे. आजम खान पर 100 से अधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से कुछ में वो बरी हो चुके हैं तो कुछ मामले अभी भी अदालतों में विचाराधीन हैं.
ये भी पढ़ें: डॉ. उमर मोहम्मद, आदिल अहमद...दिल्ली बम ब्लॉस्ट के 7 किरदार, जानिए टेरर नेटवर्क की पूरी कुंडली
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं