MRI मशीन की मैग्नेटिक फील्ड ने पिस्टल अंदर खींच ली और पिस्टल मशीन में चिपक गई.
- मंत्री सत्यदेव पचौरी का लखनऊ के अस्पताल में होनी था MRI जांच
- मंत्री का गनर पिस्टल लेकर MRI रूम में पहुंच गया
- मशीन को ठीक होने में 10 दिन का वक्त लग सकता है, इस पर मोटी रकम खर्च होगी
नई दिल्ली:
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्री के वीआईपी कल्चर की वजह से लखनऊ में मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई. शुक्रवार को यूपी के खादी ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी लखनऊ के लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज कराने गए थे.
डॉक्टरों ने उनके सिर के एमआरआई की सलाह दी, जिसके बाद मंत्री पचौरी को एमआरआई रूम में लाया गया. उसी दौरान मंत्री का गनर पिस्टल लेकर कमरे के अंदर चला गया. जैसे ही मंत्री का गनर अंदर गया एमआरआई मशीन की मैग्नेटिक फील्ड ने पिस्टल अंदर खींच ली और पिस्टल मशीन में चिपक गई.
इसके बाद मशीन ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. सूत्रों के मुताबिक मशीन को ठीक करने में करीब 10 दिन लग जाएंगे और इसको ठीक करने में कई लाख रुपये का ख़र्च आएगा.
एमआरआई रूम में लोहे की बनी कोई भी चीज साथ ले जाना मना है. बताया जा रहा है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने गनर को रोकने की कोशिश की, तो वह भड़क गया और मना करने केे बावजूद अंदर चला गया.
डॉक्टरों ने उनके सिर के एमआरआई की सलाह दी, जिसके बाद मंत्री पचौरी को एमआरआई रूम में लाया गया. उसी दौरान मंत्री का गनर पिस्टल लेकर कमरे के अंदर चला गया. जैसे ही मंत्री का गनर अंदर गया एमआरआई मशीन की मैग्नेटिक फील्ड ने पिस्टल अंदर खींच ली और पिस्टल मशीन में चिपक गई.
इसके बाद मशीन ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. सूत्रों के मुताबिक मशीन को ठीक करने में करीब 10 दिन लग जाएंगे और इसको ठीक करने में कई लाख रुपये का ख़र्च आएगा.
एमआरआई रूम में लोहे की बनी कोई भी चीज साथ ले जाना मना है. बताया जा रहा है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने गनर को रोकने की कोशिश की, तो वह भड़क गया और मना करने केे बावजूद अंदर चला गया.
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