- इलाहाबाद हाईकोर्ट का शीतकालीन अवकाश 20 दिसंबर 2025 से चल रहा था और वह पांच जनवरी 2026 से फिर से खुल रहा है
- पांच जनवरी से नए रोस्टर के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ बेंच में सिविल तथा क्रिमिनल मामलों की सुनवाई होगी
- नए रोस्टर में एमपी/एमएलए मामलों के लिए विशेष सिंगल बेंच और डिविजन बेंच का गठन किया गया है
शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद नए साल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट पांच जनवरी से खुलने जा रहा है. 20 दिसंबर 2025 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) चल रहा था. करीब दो हफ्ते से इलाहाबाद हाईकोर्ट बंद चल रहा था. हालांकि इस दौरान छुट्टी होने पर भी अर्जेंट मामलों को लेकर स्पेशल वेकेंशन बेंच बैठी. वहीं सोमवार से लंबी छुट्टी के बाद खुलने जा रहे एशिया का सबसे बड़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट अब नए साल पर नए रोस्टर के साथ काम करेगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण भंसाली के निर्देश पर पांच जनवरी से सिविल और क्रिमिनल मुकदमों की सुनवाई के लिए नया रोस्टर जारी हुआ है. नया रोस्टर लागू होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ और लखनऊ बेंच नए रोस्टर के हिसाब से कम करेगी. दोनों ही जगह सिविल और क्रिमिनल मामलों की सुनवाई किए नया रोस्टर लागू होने के बाद सिंगल और डबल बेंच का गठन किया गया है. पांच जनवरी से इलाहाबाद हाईकोर्ट नए रोस्टर प्रणाली के हिसाब से काम करेगा. नए रोस्टर में एमपी/एमएलए मामलों की सुनवाई के लिए नई सिंगल बेंच और डिविजन बेंच का गठन किया गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ में 64 और लखनऊ बेंच में 22 कोर्ट बैठेंगी.
सिविल मामलों में बैठने वाली डिविजन बेंच
चीफ जस्टिस के आदेश पर नया रोस्टर जारी होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ (Principal Bench) में सिविल मामलों की सुनवाई के लिए नौ डिविजन बेंच बैठेंगी जिसमें चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली कोर्ट में जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र उनके साथ रहेंगे. वहीं, सिविल मामलों की सुनवाई के लिए कोर्ट नंबर 21 की डिविजन बेंच में सीनियर जज जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन बैठेंगे. बता दें कि 18 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सीनियर जज जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की केंद्र सरकार से सिफारिश की है.
इसके अलावा कोर्ट नंबर 29 में जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस कुणाल रवि सिंह, कोर्ट नंबर 39 में जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्यवीर सिंह, कोर्ट नंबर 2 में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता, कोर्ट नंबर 3 में जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला, कोर्ट नंबर 40 में जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान, कोर्ट नंबर एक में जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी कोर्ट, कोर्ट नंबर चार में जस्टिस नीरज तिवारी और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच का गठन किया गया है.
सिविल मामलों के लिए सिंगल बेंच
वहीं सिविल मामलों की सुनवाई के लिए कुल 14 सिंगल बेंच बैठेंगी जिसमें जस्टिस प्रकाश पाडिया, जस्टिस पियूष अग्रवाल, जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी, जस्टिस मंजू रानी चौहान, जस्टिस डॉक्टर योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव, जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल, जस्टिस दिनेश पाठक, जस्टिस चंद्र कुमार राय, जस्टिस विकास बुधवार, जस्टिस विक्रम डी चौहान, जस्टिस मनीष कुमार निगम, जस्टिस संदीप जैन, जस्टिस अरुण कुमार और जस्टिस विवेक सरन होंगे.
क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए अब होगी 41 कोर्ट
क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ में आठ डिवीजन बेंच काम करेंगी जिसमें कोर्ट नंबर 42 में जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस प्रशांत वर्मा –I, एमपी/एमएलए से जुड़े मामलों की भी सुनवाई करेंगे. कोर्ट नंबर 43 में जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस डॉक्टर अजय कुमार–II, कोर्ट नंबर 44 में जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी, कोर्ट नंबर 45 में जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस अचल सचदेव, कोर्ट नंबर 46 में जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस संजीव कुमार, कोर्ट नंबर 47 में जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस लक्ष्मीकांत शुक्ला, कोर्ट नंबर 48 में जस्टिस चंद्रधारी सिंह और जस्टिस देवेंद्र सिंह–I, कोर्ट नंबर 49 में जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस तरुण सक्सेना होंगे.
वहीं क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए कुल 33 सिंगल बेंच बैठेंगी. इसमें कोर्ट नंबर 53 में जस्टिस समित गोपाल की बेंच भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत आपराधिक मामले, संसद सदस्यों, विधान सभा सदस्यों और विधान परिषद सदस्यों से संबंधित आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगी. इस कोर्ट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामले और सीबीआई द्वारा जांच किए गए मामले और प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े मामलों की भी सुनवाई होगी. अभी तक एमपी/एमएलए मामलों की सुनवाई जस्टिस समीर जैन की कोर्ट कर रही थी.
लखनऊ बेंच में 22 कोर्ट चलेंगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ के अलावा लखनऊ बेंच में भी 22 कोर्ट बैठेंगी. सिविल मामलों की सुनवाई के लिए तीन डिविजन बेंच और नौ सिंगल बेंच का गठन किया गया है. वहीं क्रिमिनल मामलों की सुनवाई के लिए तीन डबल बेंच और सात सिंगल बेंच काम करेगी.
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