विज्ञापन

यूपी में कुदरत का कहर: सीएम योगी सख्त, मंत्रियों को कमान और प्रभावितों को 3 घंटे में राहत के आदेश

राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DM) की जवाबदेही तय कर दी है. अब अधिकारियों को हर 3 घंटे में नुकसान के आकलन और दी गई मदद की अपडेट रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी. सीएम ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे के भीतर सहायता राशि और मुआवजा पीड़ितों के हाथों में पहुंच जाना चाहिए.

यूपी में कुदरत का कहर: सीएम योगी सख्त, मंत्रियों को कमान और प्रभावितों को 3 घंटे में राहत के आदेश
यूपी में कुदरत का कोहरा: सीएम योगी सख्त, मंत्रियों को कमान और प्रभावितों को 3 घंटे में राहत के आदेश
AI Generated Image

उत्तर प्रदेश में 13 मई 2026 की शाम आई विनाशकारी आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई. इस प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश के कई हिस्सों में जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है, जिसमें अब तक कुल 56 लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है. हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है और प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को तत्काल अपने संबंधित क्षेत्रों में पहुंचने का आदेश दिया है. मंत्रियों की जिम्मेदारी केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं होगी; उन्हें प्रभावित परिवारों से खुद मिलकर उनकी समस्याएं सुननी होंगी और मौके पर मौजूद रहकर राहत वितरण की निगरानी करनी होगी. सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी पीड़ित खुद को अकेला न समझे.

किस जिले में कितना नुकसान

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही रिपोर्ट दिल दहला देने वाली है. आकाशीय बिजली और तूफान के कारण हुई मौतों का जिला वार ब्यौरा सामने आया है उसके मुताबिक सबसे ज्यादा प्रयागराज में 17 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद भदोही में 15,फतेहपुर में 9, बदायूं में 6, बरेली में 4, हरदोई में 2, रायबरेली में 2 और कानपुर देहात में एक की मौत हो गई. 

डीएम को हर 3 घंटे में रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम

राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DM) की जवाबदेही तय कर दी है. अब अधिकारियों को हर 3 घंटे में नुकसान के आकलन और दी गई मदद की अपडेट रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी. सीएम ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे के भीतर सहायता राशि और मुआवजा पीड़ितों के हाथों में पहुंच जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें- एमपी के देवास में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, दो लोगों की मौत, 15 घायल; धमाके से दहल गया पूरा इलाका

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि संकट के इस समय में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रयागराज, बाराबंकी, बहराइच, बस्ती और उन्नाव समेत कुल 19 जिलों में फसल और पशु हानि का व्यापक मंजर सामने आया है. लिहाजा, सीएम योगी ने चेतावनी दी है कि यदि राहत पहुंचाने में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने लापरवाही बरती, तो उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com