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This Article is From Jun 02, 2018

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद सरकारी बंगला छोड़ गेस्ट हाउस में शिफ्ट हुए मुलायम और अखिलेश यादव  

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने सात मई को यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को यह कहते हुए अपने सरकारी बंगले खाली करने का आदेश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद सरकारी बंगला छोड़ गेस्ट हाउस में शिफ्ट हुए मुलायम और अखिलेश यादव  
अखिलेश यादव की फाइल फोटो
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छोड़ा बंगला
  • परिवार के साथ वीवीआईपी गेस्ट हाउस में शिफ्ट हुए
  • सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला छोड़ने को कहा था
नई दिल्ली: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव शनिवार को अपने सरकारी बंगले से वीवीआईपी गेस्ट हाउस में शिफ्ट हो गए हैं. गौरतलब है कि सरकारी बंगला खाली करने के लिए शनिवार तक की ही समयसीमा तय की गई थी.  वीवीआईपी गेस्ट हाऊस के प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया कि मुलायम सिंह शुक्रवार रात ही यहां आ गए थे.  जबकि अखिलेश, उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव और बच्चे शनिवार दोपहर गेस्ट हाऊस पहुंचे. उन्होंने बताया कि इन तीनों के लिए एक-एक सुइट बुक किया गया है. इन सभी सुइट में दो-दो कमरे जुड़े होते है. वहीं अधिकारियों ने बताया कि नियमों के अनुसार किसी को भी एक सुइट सिर्फ तीन दिन के लिए ही बुक होता है,  उसके बाद उसे फिर से बुक कराना होगा.

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने सात मई को यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को यह कहते हुए अपने सरकारी बंगले खाली करने का आदेश दिया था, कि पद से हटने के बाद वे सरकारी आवास में नहीं रह सकते. इसके बाद राज्य सम्पत्ति विभाग ने छह पूर्व मुख्यमंत्रियों- नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, मायावती, राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव को अपने सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस दिया था. इस नोटिस के बाद मुलायम अखिलेश वीवीआईपी गेस्ट हाऊस में आ गये हैं जबकि नारायण दत्त तिवारी बीमार हैं और उनकी पत्नी ने बंगला खाली करने के लिए कुछ समय मांगा है. वहीं बसपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के अपने सरकारी आवास 13-मॉल एवेन्यू को पार्टी संस्थापक कांशी राम का स्मारक बताये जाने से एक नया पेंच फंस गया था.

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हालांकि सम्पत्ति विभाग ने उनके इस दावे को निरस्त करते हुए कहा था कि मायावती ने 6-लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित जो आवास खाली किया है, उस पर उनका अवैध कब्जा था. राज्य सम्पत्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मायावती को पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से 13-ए मॉल एवेन्यू बंगला आबंटित किया गया था, वहीं 6-लाल बहादुर शास्त्री मार्ग बंगले पर उनका अवैध कब्जा था, जिसे अब उन्होंने खाली किया है. उन्हें उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार मॉल एवेन्यू का बंगला खाली करना होगा. मालूम हो कि मायावती ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन का दावा करते हुए 6-लाल बहादुर शास्त्री मार्ग बंगला खाली कर दिया था. दूसरी ओर, बसपा का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मायावती को 13ए-मॉल एवेन्यू वाला बंगला खाली करने का नोटिस भेजा, जबकि उन्हें लाल बहादुर शास्त्री मार्ग वाला आवास खाली करने का नोटिस भेजा जाना चाहिये था, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें यही बंगला आबंटित किया गया था.

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बसपा के एक प्रतिनिधिमण्डल ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में यह दावा किया था कि मॉल एवेन्यू वाले बंगले को वर्ष 2011 में कांशी राम स्मारक घोषित कर दिया गया था और मायावती उसकी देखभाल के लिये वहां रहती थीं. उनके पास स्मारक परिसर के मात्र दो कमरे ही थे. पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले ही अपना चार कालिदास मार्ग स्थित बंगला खाली कर दिया है और वह गोमतीनगर के विपुल खंड में अपने पुराने मकाने में चले गए है .

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वहीं एक और पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने अपना सामान अपने पौत्र संदीप सिंह के मकान में शिफ्ट कर लिया है. संदीप सिंह योगी सरकार में मंत्री है .(इनपुट भाषा से) 
 
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