Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में गंगा तट पर आस्था के महापर्व माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो चुका है. पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा है. कड़ाके की ठंड के बाद भी दूर-दूर से आए श्रद्धालु भक्ति भाव से स्नान कर मां गंगा की पूजा कर रहे हैं. ब्रह्म मुहूर्त से अब तक लाखों लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं.मेला प्रशासन का अनुमान है कि आज 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह तीन बजे से हो गई है. जिसके बाद से गंगा तट पर श्रद्धालुओं की डूबकी का सिलसिला शुरू हो चुका है.
20-25 लाख कल्पवासी करते हैं प्रवास
माघ मेले में 75 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है. आज से श्रद्धालु कल्पवास का संकल्प लेकर कल्पवास की शुरुआत करेंगे. माघ मेले में 20 से 25 लाख कल्पवासी माघ मेले में एक माह का प्रवास करते हैं. कल्पवासियों की पूरे एक महीने तक कठिन तपस्या और साधना चलती है. इसके साथ ही प्रमुख स्नान पर्वो पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचते हैं.
🔴#BREAKING | प्रयागराज में आज से माघ मेले की शुरुआत#MaghMela2026 | #Prayagraj pic.twitter.com/zRIejFVbdh
— NDTV India (@ndtvindia) January 3, 2026
डेढ़ महीने के मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु करेंगे स्नान
पूरे माघ मेले के दौरान डेढ़ महीने में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे. सिंचाई विभाग माघ मेले में 10 हजार क्यूसेक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा. माघ मेले में 160 किमी की चकर्ड प्लेट लोक निर्माण विभाग द्वारा बिछाई गई है. यूपी जल निगम द्वारा 242 किमी पेयजल लाइन बिछाई गई है. 85 किमी सीवर लाइन बिछाई गई है.
यूपी पावर कारपोरेशन की ओर से 25 अस्थाई विद्युत सब स्टेशन बनाए गए है.
800 हेक्टेयर में 7 सेक्टर में बसाया गया है मेला
माघ मेले में करीब 16500 टॉयलेट्स, 8 हजार डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 30 सक्सन गाड़ियां लगाई गई है. तीन हजार सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है. माघ मेले का दायरा इस बार बढ़ाया गया है. 800 हेक्टेयर में 7 सेक्टर में मेला बसाया गया है. अलग-अलग दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 42 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है.

स्नान के बाद मां गंगा की आरती करते श्रद्धालु.
17 थाने, 40 चौकियां, AI लैस सीसीटीवी से भी रखी जा रही नजर
मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 चौकियां, 20 फायर टेंडर, सात अग्निशमन चौकी 20 अग्निशमन के वॉच टावर,एक जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. 8 किमी डीप वाटर बैरिकेडिंग भी बनाई गई है.
सीसीटीवी कैमरे से और एआई युक्त 400 कैमरे से क्राउड मैनेजमेंट, क्राउड डेंसिटी एनालिसिस और इंसिडेंट रिपोर्टिंग की जा रही है. माघ मेले में 3800 परिवहन निगम की बसें लगाई गई हैं. कुल 44 दिनों तक माघ मेला आयोजित होगा.
माघ मेले में कुल छह प्रमुख स्नान हैं
- 3 जनवरी पौष पूर्णिमा
- 15 जनवरी को मकर संक्रांति
- 18 को मौनी अमावस्या
- 23 जनवरी को बसंत पंचमी
- 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा
- 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के साथ स्नान पर्व के साथ मेले का समापन होगा
अधिकारियों ने बताया माघ मेले को लेकर कैसी है व्यवस्था
प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया, "यहां पर जितने श्रद्धालु हैं उनसे बात की गई. सभी को व्यवस्था सुचारू और अच्छी लग रही है और सभी लोग सुविधानुसार यहां पर स्नान कर रहे हैं. हमें जिस प्रकार से सुविधा उपलब्ध करवानी थी, उसी प्रकार सुविधा उपलब्ध करवाई गई है..."
#WATCH | Prayagraj, UP | Divisional Commissioner Saumya Agarwal says, "We talked to all the devotees who have come here and they told us that they are happy with the arrangements and they are conveniently offering prayers and doing 'snaan'... We have made all possible… https://t.co/AYQx0V1IS0 pic.twitter.com/2Ws4NnwSBH
— ANI (@ANI) January 3, 2026
प्रयागराज के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने कहा, "बहुत ही सुचारू रूप से सभी चीजें चल रही हैं. सभी इंतज़ाम पूरे हैं. श्रद्धालु हर घाट पर स्नान कर रहे हैं. किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही है. लोग संगम क्षेत्र में आसानी से आ-जा पा रहे हैं... काफी संख्या में श्रद्धालु यहाँ आए हैं और स्नान कर रहे हैं..."
माघ मेला 2026 की व्यवस्था से जुड़ी बड़ी बातें
- मंडलायुक्त ने बताया कि इसके अलावा, पहली बार माघ मेले में बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई है जिससे श्रद्धालुओं को स्नान घाट के नजदीक तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध होगी और उन्हें ज्यादा पैदल चलना नहीं पड़ेगा.
- प्रयागराज के पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में 1600 से अधिक आरक्षी और 1,000 के आसपास होमगार्ड तैनात किए गए हैं. उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस के 400 आरक्षियों और 38 यातायात उप निरीक्षकों की भी तैनाती की गई है ताकि मेले की सुरक्षा सुनिश्चित हो.
- कुमार के अनुसार इसके अलावा, थाना के लिहाज से 15 त्वरित कार्रवाई दल गठित किये गये हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम, आरएएफ की छह टीम, पीएसी की 17 कंपनियां और एलआईयू के 100 से अधिक कर्मचारी भी मेला क्षेत्र में तैनात किए गए हैं.
- पुलिस आयुक्त का कहना है कि मेले में कुल नौ पांटून पुल बनाए गए हैं जिनके दोनों छोर पर 18 पुलिस चौकियां लगाई गई हैं और पर्याप्त पुलिस बल वहां तैनात किए गए हैं. अग्निशमन और आपात योजना के तहत 20 दमकल केंद्र और 20 ‘वाच टावर' स्थापित किए गए हैं.
- कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में 990 ‘फायर हाइड्रेंट' और 22 ‘हाई प्रेशर ट्यूबवेल' बनाए गए हैं जिससे आग बुझाने के लिए पर्याप्त जल की उपलब्धता रहे. उन्होंने कहा कि मेले में अग्निशमन विभाग के 800 कर्मचारी तैनात किए गए हैं तथा 55 बड़े वाहन और 55 छोटे अग्निशमन वाहन भी लगाये गए हैं.
- पुलिस आयुक्त के मुताबिक जल पुलिस का एक मुख्य नियंत्रण कक्ष और चार उप नियंत्रण कक्ष बनाये गये हैं. साथ ही आठ किलोमीटर क्षेत्र में ‘डीप वाटर बैरिकेडिंग' की गई है. साथ ही दो किलोमीटर क्षेत्र में ‘वाटर बैरिकेडिंग' रहेगी. इसके साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों की भी तैनाती की गई है.
- पुलिस आयुक्त ने बताया कि मेला के दौरान प्रयागराज कमिश्नरेट (जिले) में पुलिस व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए अलग से पुलिस बलों की तैनाती की गई है और प्रयागराज आने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का रास्ता बदल दिया गया है.
- प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा के अनुसार मेला क्षेत्र में दो बड़े अस्पताल स्थापित किए गए हैं और पूरे मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों की तैनाती की गई है. साथ ही 50 एंबुलेंस मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे.
- वर्मा ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए मेला क्षेत्र में 500 बेड का एक बड़ा रैन बसेरा बनाया गया है तथा हर सेक्टर में अलाव की व्यवस्था भी की गई है और जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त संख्या में कंबल का प्रबंध किया गया है.
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