Lucknow Metro Lost and Found Cell: क्या आप भी मेट्रो में सफर करते समय अपना सामान भूल जाते हैं? अगर हां, तो उत्तर प्रदेश मेट्रो (UPMRC) की यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी. लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो के 'लॉस्ट एंड फाउंड सेल' ने ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है. मेट्रो यात्रियों का छूटा हुआ लाखों का सामान उनके असली मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है.
मेट्रो ने की पहल
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एक बयान के मुताबिक, 5 सितंबर 2017 को लखनऊ मेट्रो सेवा शुरू होने पर, लखनऊ मेट्रो ने यात्रियों का सामान हर हाल में सुरक्षित रखने के लिए एक अनोखी पहल की. 'लॉस्ट एंड फाउंड सेल' ने मेट्रो यात्रा के दौरान हर यात्री के कीमती सामान की सुरक्षा सुनिश्चित की है. मेट्रो के अनुसार ये यात्रियों का खोया हुआ सामान उन तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह कमीटेड रहती है.
मेट्रो रेल ने एक बयान में कहा, 2021 और 2024 में कानपुर और आगरा मेट्रो की कमर्शियल सेवाएं शुरू होने के बाद, 'लॉस्ट एंड फाउंड' विभाग ने यात्रियों का खोया हुआ सामान लौटाकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

Metro Lost and Found Cell UPMRC.
अब तक क्या-क्या मिला?
अब तक, लखनऊ, कानपुर और आगरा के 'लॉस्ट एंड फाउंड सेल' ने 42 लाख रुपये नकद, 190 लैपटॉप, 751 मोबाइल फोन और 40 लाख रुपये की कीमत के गहने उनके असली मालिकों को लौटाए हैं. UPMRC औसतन हर महीने 21,000 रुपये नकद, 8 मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप लौटा रहा है.
शृंगार नगर स्टेशन पर छूटा 'विदेशी करेंसी' वाले बैग का किस्सा क्या है
हाल ही में लखनऊ के शृंगार नगर मेट्रो स्टेशन पर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. यहां एक युवक ट्रेन में अपना बैग भूलकर उतर गया. इस बैग में कोई आम सामान नहीं था, बल्कि:
- 15,000 रियाल (विदेशी करेंसी)
- 2,000 भारतीय नगद
- एक कीमती मोबाइल फोन
जैसे ही युवक को एहसास हुआ, उसने तुरंत मेट्रो के 'लॉस्ट एंड फाउंड' विभाग को इसकी सूचना दी. मेट्रो की टीम ने बिना देर किए बैग को खोज निकाला और पूरी छानबीन के बाद युवक को उसका बैग सुरक्षित सौंप दिया.
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अब तक क्या-क्या लौटा चुका है 'लॉस्ट एंड फाउंड सेल'?
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के आंकड़े आपको चौंका देंगे. लखनऊ मेट्रो की शुरुआत 5 सितंबर 2017 को हुई थी, जिसके बाद 2021 और 2024 में कानपुर और आगरा मेट्रो भी शुरू हुई. तब से लेकर अब तक इस सेल ने यात्रियों का जो सामान लौटाया है, उसकी लिस्ट देखिए:
नकद कैश: कुल 42 लाख रुपये नगद
लैपटॉप: 190 लैपटॉप
मोबाइल फोन: 751 स्मार्टफोन
ज्वेलरी: करीब 40 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने
हर महीने का औसत: UPMRC औसतन हर महीने यात्रियों को 21,000 नगद, 8 मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप ढूंढकर वापस लौटा रहा है.
अगर आपका सामान मेट्रो में छूट जाए, तो क्या करें?
उत्तर प्रदेश मेट्रो प्रशासन का कहना है कि वे यात्रियों के सामान की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कमिटेड हैं. अगर कभी आपका कोई कीमती सामान लखनऊ, कानपुर या आगरा मेट्रो में छूट जाता है, तो घबराएं नहीं. आप तुरंत इन स्टेप्स को फॉलो करें:
1. कंट्रोल रूम या कस्टमर केयर: तुरंत उसी स्टेशन के कस्टमर केयर काउंटर पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं.
2. हेल्पलाइन नंबर: मेट्रो के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपने कोच और समय की जानकारी दें.
3. पहचान पत्र: सामान का दावा करने के लिए आपके पास अपना एक वैध पहचान पत्र (ID Proof) होना जरूरी है.
मेट्रो की इस अनोखी और ईमानदार पहल ने सफर करने वाले लाखों यात्रियों का दिल जीत लिया है.
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