- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में सुनियोजित धर्मांतरण और उत्पीड़न के आरोपों की जांच STF ने की है.
- STF की रिपोर्ट में डॉक्टर रमीज समेत 12 लोगों के नाम शामिल हैं, सभी पर कार्रवाई होगी.
- महिला डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मचारियों को शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया.
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के धर्मांतरण मामले में STF की जांच से कई खुलासे हुए हैं. यह जांच KGMU के कथित सुनियोजित धर्मांतरण और उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद शुरू हुआ था. इस मामले में STF की जांच में विश्वविद्यालय के डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों की कथित भूमिका सामने आई. जांच के दौरान महिला डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मचारियों को प्रेमजाल में फंसाने, शादी का झांसा देने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोपों की पड़ताल की गई. STF जांच रिपोर्ट में KGMU के डॉ. रमीज सहित 12 लोगों के नाम शामिल है. KGMU प्रवक्ता केके सिंह ने बताया है कि रिपोर्ट मिल गई है. सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
जिन 12 लोगों को STF ने चिह्नित किया, उन सभी पर कार्रवाई होगीः KDMU प्रवक्ता
केजीएमयू के मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह ने फोन पर स्वीकार किया कि एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने पत्र भेजा है. जिन 12 लोगों को STF ने आईडेंटिफाई किया है, कॉलेज प्रशासन उन पर कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा एटीएफ की रिपोर्ट में डॉ. रमीज पर आपराधिक आरोप है, डॉ. रमीज पहले से जेल में है. KGMU प्रशासन रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगा. उन्होंने किसी बाहरी ताकत के शामिल होने के तर्क को खारिज किया.
रिपोर्ट में रेजिडेंट डॉक्टर आदिल, नफीस, मुस्तफा का जिक्र
चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने कुलसचिव को पत्र लिखकर संबंधित मामलों में कार्रवाई का विवरण मांगा. जांच रिपोर्ट में नफीस, मुस्तफा और रेजिडेंट डॉक्टर आदिल से जुड़े कथित मामलों का भी उल्लेख है. अब एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर KGMU प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर है. KGMU में कथित धर्मांतरण नेटवर्क की परतें खोलने में STF की जांच अहम रही. उसकी रिपोर्ट के बाद अब संस्थागत स्तर पर कार्रवाई का मामला आगे बढ़ा है.
विरोध पर नौकरी से निकालने तक की बात
रिपोर्ट के अनुसार KGMU के कर्मचारी शफात अली खान पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर युवती के साथ छेड़छाड़ और निकाह का दबाव बनाने का आरोप है. विरोध करने पर युवती को नौकरी से निकाल दिया गया था. साथ ही रेडियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रिजवान पर एक छात्रा को ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप है.
डॉ. रमीज किया जा चुका है गिरफ्तार
बताते चले कि इस मामले में पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक को मुख्य आरोपी के रूप में बताया जाता है. रमीजुद्दीन को एक महिला डॉक्टर को प्रेम जाल में फंसाने, ब्लैकमेल करने, शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप में 9 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है. रमीज के माता-पिता को भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है
विरोध पर करियर खत्म करने तक की धमकी
STF की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि KGMU में विभिन्न विभागों (पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी और गांधी वार्ड) के भीतर हिंदू महिला डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और संविदा महिला कर्मचारियों को लक्षित करने का एक सुनियोजित नेटवर्क चल रहा था. विरोध करने पर इन महिलाओं को करियर खत्म करने की धमकी देने तक दी जाती थी.
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