- कानपुर की अनवरगंज पुलिस ने नकली दरोगा बनकर लोगों को ठगने वाले संजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया
- संजय ने यूपी पुलिस की वर्दी पहनकर अपनी कार पर ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स की फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी
- गिरफ्तार आरोपी के पास असली जैसी दिखने वाली पिस्टल नहीं बल्कि सिगरेट जलाने वाला लाइटर और नकली कारतूस मिले
उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी,कंधे पर स्टार,कमर में पिस्टल और गाड़ी पर इनकम टैक्स कमिश्नर का बोर्ड.पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए,लेकिन कानपुर की अनवरगंज पुलिस ने जब इस साहब की कुंडली खंगाली तो हर कोई दंग रह गया.अनवरगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कालपी रोड के पास एक ऐसे शातिर ठग संजय कुमार सिंह (42) को गिरफ्तार किया,जो नकली दरोगा बनकर लोगों को चूना लगा रहा था.उन्नाव का रहने वाला संजय न सिर्फ यूपी पुलिस की वर्दी पहनता था,बल्कि अपनी हुंडई i-20 कार पर ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमता था.
कैसे पता चला अफसर नहीं नटवरलाल है
गिरफ्तारी के वक्त सबसे रोचक वाकया तब हुआ जब पुलिस ने उसकी कमर में लगी पिस्टल चेक की.होलस्टर में रखी वह पिस्टल हूबहू असली जैसी दिखती थी,लेकिन असल में वह सिगरेट जलाने वाला एक लाइटर था.उसके पास से 8 नकली कारतूस भी बरामद हुए हैं.पूछताछ में संजय ने कबूला कि वह अपने साथी दुर्गेश कुमार सविता और विजय सिंह चौहान के साथ मिलकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी (सचिवालय,हाईकोर्ट) दिलाने का झांसा देता था.यह गैंग इतना शातिर था कि लखनऊ में बकायदा प्राइवेट स्कूल और होटल किराए पर लेकर लड़कों की फर्जी लिखित परीक्षा और इंटरव्यू भी करवाता था.रिजल्ट के नाम पर लड़कों को टहलाया जाता था और पैसे न मांगने के लिए वर्दी का रौब दिखाया जाता था.

तलाशी में मिला फर्जीवाड़े का जखीरा
पुलिस को संजय की गाड़ी की तलाशी में फर्जीवाड़े का पूरा जखीरा मिला है.उसके पास से यूपी पुलिस की फर्जी आईडी के अलावा,CBI के दो आई-कार्ड,मुंबई पुलिस का कार्ड,कई बैंकों की चेकबुक,मोहरें और 700 रुपये नकद बरामद हुए.उसने अपनी कार की असली नंबर प्लेट (UP 35 BK 8203) को सीट के नीचे छिपा रखा था.अनवरगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं