कानपुर पुलिस ने 3200 करोड़ रुपये के एक ऐसे हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसकी शुरुआत महज चंद लाख रुपये की लूट की जांच से हुई थी. फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए काले धन को सफेद करने के इस महाघोटाले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. मामले के मुख्य आरोपी महफूज उर्फ पप्पू छुरी के बेटे फैज आलम को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बुधवार को जेल भेज दिया गया.
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने NDTV को बताया कि इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा एक लूट की घटना से हुआ. 16 फरवरी को चकेरी क्षेत्र में 24 लाख रुपये की लूट हुई थी. पुलिस ने लूट की रकम के तारों को खंगालना शुरू किया, तो जांच पप्पू छुरी और उसके हवाला नेटवर्क तक जा पहुंची. पता चला कि यह कोई साधारण लूट नहीं थी, बल्कि इसके पीछे 3200 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद करने का एक विशाल नेटवर्क काम कर रहा था.
68 से ज्यादा बैंक खातों से चल रहा था हवाला का धंधा
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया कि हवाला कारोबारियों ने 68 से ज्यादा बैंक खातों और कई फर्जी फर्मों का जाल बिछा रखा था. टेनरी संचालकों, कबाड़ कारोबारियों, स्लाटर हाउस मालिकों और अन्य बड़े व्यापारियों की काली कमाई इन्ही फर्जी खातों के जरिए ट्रांसफर की जाती थी और फिर बैक से कैश निकाल लिया जाता था. इस सिंडिकेट की जड़ें केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं थीं, इसके तार पंजाब, गुजरात, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से भी जुड़े पाए गए हैं.

कानपुर डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के साथ अन्य पुलिस अधिकारी और आरोपी फैज आलम.
महफूज और फैज मामले में मुख्य आरोपी
पुलिस महफूज समेत 6 आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी थी, लेकिन उसका बेटा फैज आलम पिछले 5 महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था. फैज का पुराना आपराधयिक रिकॉर्ड भी है, उसके खिलाफ 5 केस दर्ज हैं. जांच में पता चला कि फैज अपने पिता के साथ मिलकर इस पूरे हवाला कारोबार को ऑपरेट करता था. फरारी के दौरान बाप-बेटे के नेपाल भागने की बात भी सामने आई थी. आखिरकार, मंगलवार 30 जून की रात करीब 10:30 बजे पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर फैज को लखनऊ की केंद्रांचल पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास से गिरफ्तार कर लिया.
ED ने केस दर्ज कर मांगा ब्योरा, आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट
3200 करोड़ जैसी भारी-भरकम रकम को देखते हुए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में सक्रिय हो गया है. ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत केस दर्ज कर लिया है. जांच एजेंसी ने कानपुर पुलिस से अब तक की गई कार्रवाई और सभी आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है, जिससे आने वाले दिनों में इनकी संपत्तियों की कुर्की की जा सके. साथ ही पुलिस भी अब मामले के सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने जा रही है.
ये भी पढ़ें...
ऑटिज्म से जूझते बेटे के लिए मां की जंग, कांग्रेस नेता कनुप्रिया सत्तन और केशव के संघर्ष की कहानीNDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं