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45 साल बाद मुक्त हुआ काल भैरव मंदिर! भूमाफियाओं ने जड़ दिया था ताला, प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन

यूपी के हापुड़ जिले की तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर में 45 साल बाद प्राचीन काल भैरव मंदिर को भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर मंदिर पर लगा ताला तुड़वाकर अतिक्रमण हटाया गया. जल्द ही विधि‑विधान से काल भैरव की मूर्ति को मूल स्थान पर स्थापित किया जाएगा.

45 साल बाद मुक्त हुआ काल भैरव मंदिर! भूमाफियाओं ने जड़ दिया था ताला, प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन

Kal Bhairav Garhmukteshwar Temple Action: यूपी के हापुड़ जिले की तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर में दशकों पुरानी एक ऐतिहासिक भूल का सुधार आखिरकार हो गया. करीब 45 साल बाद प्राचीन काल भैरव मंदिर को भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया है. मंदिर पर लगे ताले को तुड़वाकर प्रशासन ने न सिर्फ अतिक्रमण हटवाया, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण स्थल को उसके सम्मान और पहचान की ओर लौटाने की पहल भी की है.

भूमाफियाओं के कब्जे में था प्राचीन मंदिर

दरअसल, गढ़ क्षेत्र के नक्का कुआं इलाके में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने काल भैरव मंदिर पर कुछ भूमाफियाओं ने लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा था. मंदिर को खंडित कर वहां ताला जड़ दिया गया था, जिससे श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह बंद हो गया था. यह स्थिति बीते चार से पांच दशकों से बनी हुई थी.

निरीक्षण के दौरान सामने आया मामला

जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय जब गढ़मुक्तेश्वर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी नजर इस अतिक्रमण पर पड़ी. मंदिर पर ताला लगा देखकर उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और मंदिर पर लगा ताला तुड़वाकर कब्जा हटवाया गया.

गढ़मुक्तेश्वर की आस्था से जुड़ा है काल भैरव मंदिर

गढ़मुक्तेश्वर को एक प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है. यहां मुक्तेश्वर महादेव मंदिर की विशेष मान्यता है, जिसके नाम पर ही शहर का नाम पड़ा है. इसी परिसर में एक ओर प्राचीन गंगा मंदिर, दूसरी ओर मुक्तेश्वर महादेव मंदिर और तीसरी ओर काल भैरव मंदिर वर्षों से स्थित रहे हैं. काल भैरव मंदिर का बंद रहना स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए लगातार पीड़ा का कारण बना हुआ था.

45 साल से दूसरे मंदिर में विराजमान थी मूर्ति

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जब काल भैरव मंदिर पर कब्जा किया गया था, उस दौरान भगवान काल भैरव की मूर्ति को वहां से हटाकर दूसरे मंदिर में स्थापित कर दिया गया था. तब से करीब 40 से 45 वर्षों तक मूर्ति अपने मूल स्थान से दूर रही. जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि अब विधि‑विधान के साथ काल भैरव की मूर्ति को उसके मूल स्थान पर दोबारा स्थापित कराया जाएगा. मंदिर को फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा, ताकि लोग अपनी आस्था के अनुसार पूजा‑अर्चना कर सकें.

टेंपल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना

प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में पूरे क्षेत्र को एक भव्य टेंपल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा. इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि गढ़मुक्तेश्वर के समग्र विकास को भी गति मिलेगी.

हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर के प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में विकास कार्य चल रहे हैं. निरीक्षण के दौरान यहां अतिक्रमण मिला, जिसे हटाया गया है. काल भैरव मंदिर पर लगा ताला भी खुलवाया गया है. जल्द ही विधि‑विधान के साथ मूर्ति की पुनः स्थापना कराई जाएगी. पूरा परिसर टेंपल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा.

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