आखिर बच्चों को ये हो क्या रहा है. असफलता उनको बर्दाश्त नहीं हो रही. कोटा में आए दिन बच्चों की आत्महत्या की खबरें सामने आती हैं. बच्चे कोशिश के बजाय वह जान देना ज्यादा आसान समझने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भी इसी तरह का मामला सामने आया है. यहां 18 साल की लड़की ने इसलिए फांसी लगाकर जान दे दी, क्यों कि JEE के एग्जाम में वह फेल (JEE Sudent Suicide) हो गई थी. महज एक परीक्षा में सफलता न मिल पाने से वह इस कदर आहत हो गई कि दोबारा कोशिश करने के बजाय फांसी लगाकर जान देना उसने ज्यादा आसान समझा. पुलिस को जांच के बाद उसके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला.
JEE में फेल हुई तो कर ली सुसाइड
11 फरवरी को जेईई का रिजल्ट आया था और 12 फरवरी को छात्रा ने उसने आत्महत्या कर ली. जान देने से पहले उसने अपने माता-पता के नाम एक सुसाइड नोट छोड़ा.
मम्मी-पापा के नाम छोड़ा सुसाइड नोट
छात्रा के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला. इस नोट में लिखा था "सॉरी मम्मी पापा, मुझे माफ़ कर दो... मैं यह नहीं कर पाई..." बता दें कि छात्रा गोरखपुर में एक कोचिंग सेंटर में पिछले दो साल से जेईई की तैयारी कर रही थी.
कमरा बंद कर लगाई फांसी
जेईई एग्जाम में फेल होने के बाद छात्रा ने बुधवार सुबह अपने माता-पिता से बात की. उसने अपने पिता से मोबाइल रिचार्ज करने को कहा. बताया जा रहा है कि वह बहुत उदास थी. जब वह अपने घर पर बात कर रही थी तो उस समय उसकी रूममेट बाहर गई हुई थी. जब छात्रा की रूममेट वापस लौटी और उसने दरवाजा खटखटाया तो उसे अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. उसने कमरे के भीतर झांककर देखा तो वो पंखे पर लटकी हुई थी. लड़की ने तुरंत हॉस्टल वार्डन को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
| Helplines | |
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| Vandrevala Foundation for Mental Health | 9999666555 or help@vandrevalafoundation.com |
| TISS iCall | 022-25521111 (Monday-Saturday: 8 am to 10 pm) |
| (If you need support or know someone who does, please reach out to your nearest mental health specialist.) | |
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