- गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने फ्लैट की नौवीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया
- उनके पिता पर लगभग दो करोड़ रुपये का कर्ज है और परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब है
- पिता ने बच्चियों का मोबाइल फोन बेचकर फ्लैट की बिजली का रीचार्ज करवाया था
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों के सामूहिक सुसाइड केस में नया खुलासा हुआ है. उनके पिता पर कर्ज का बड़ा बोझ है. वह 2 करोड़ के कर्ज में दबा हुआ है.जानकारी के मुताबिक, पिता ने पिछले दिनों बच्चियों का मोबाइल फोन बेचकर फ्लैट की बिजली का रिचार्ज कराया था. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है. बेटियां स्कूल नहीं जाती थी. उसने बच्चियों की शादी कराने की धमकी भी दी थी.
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ये तीनों बहने कोरियन लवर ड्रामा से बेहद प्रभावित थी, इन्होंने अपना नाम Maria, Aliza aur cindy रख लिया था. पिता की 2 पत्नियां है और तीसरी साली को भी वह घर पर ही रखता था. कोरियन लवर से प्रभावित होने के बाद बच्चियों ने सुसाइड का कदम उठा लिया. पता ये भी चला है कि तीसरी साली के घर आने के बाद दोनों पत्नियां घर छोड़कर चली गई थी, जिनकी गुमशुदगी की शिकायत टीला मोड थाने में दर्ज है.
फ्लैट की बालकनी से कूदकर तीन बहनों की मौत
बता दें कि गाजियाबाद में मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल के एक फ्लैट की बालकनी से कथित तौर पर कूदने के बाद तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस एक ऑनलाइन कोरियन गेम की लत संबंधी पहलू की भी जांच कर रही है. सहायक पुलिस आयुक्त (शालीमार गार्डन) अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन कोरियन गेम ‘‘लव गेम'' की आदी थीं, जो ‘टास्क बेस्ड' है और बच्चियों के माता-पिता उनके बहुत ज़्यादा गेम खेलने पर आपत्ति जताते थे.
क्या होते हैं कोरियन‘टास्क-बेस्ड' गेम?
कोरियन ‘टास्क-बेस्ड' गेम वह होते हैं, जिसमें खिलाड़ी को लक्ष्य दिए जाते हैं और उसी से गेम आगे बढ़ता है. पुलिस उपायुक्त निमिष पाटिल ने बताया कि जांच में पता चला कि लड़कियां कोरियन सामग्री से बहुत अधिक प्रभावित थीं और अपने मोबाइल फोन पर काफी समय बिताती थीं. परिवारवालों ने पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिससे वे परेशान थीं और संभवत: इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया.
पुलिस के मुताबिक, बहनें कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन गेम की आदी हो गई थीं और अक्सर लगातार कोरियन गेम खेला करती थीं. तीनों सब कुछ एक साथ करती थीं- नहाने से लेकर खाने तक और सोने से लेकर स्कूल जाने तक.
पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं बच्चियां
पुलिस उपायुक्त पाटिल ने बताया कि लड़कियां पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं. पहले भी पढ़ाई में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं था. उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि मोबाइल फोन और गेमिंग की लत उन्हें कब से थी और जांच शुरुआती दौर में है, लेकिन यह साफ है कि लड़कियां मोबाइल फोन के इस्तेमाल की बहुत अधिक आदी थीं.
पुलिस ने बताया कि परिवार में पांच भाई-बहन थे. पिता ने दो शादियां की थीं. परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते थे. अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना मंगलवार देर रात उस समय हुई, जब परिवार के बाकी सदस्य सो चुके थे. छानबीन के दौरान, पुलिस को लड़कियों की एक डायरी मिली है जिसमें घटना से जुड़ी सामग्री है.
बच्चियों की डायरी में क्या लिखा था?
डायरी के अंदर मिले एक नोट में लिखा है, ‘"इस डायरी में लिखी हर बात पढ़ लेना, सब यहीं है." इसके साथ रोते हुए चेहरे का इमोजी बना था और लिखा था-माफ करना पापा, मुझे सच में बहुत अफसोस है. लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने बताया कि उनकी बेटियां बार-बार कोरिया जाने की बात कहती थीं. उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उस गेम में इस तरह के लक्ष्य दिए जाते हैं, जो बच्चों को खतरनाक कदम उठाने के लिए उकसा सकते हैं.
पिता का कहना है कि उनकी बेटियां ढाई से तीन साल से यह गेम खेल रही थीं. वे अक्सर कहती थीं कि उन्हें कोरिया जाना है. मुझे नहीं पता था कि इस गेम में ऐसे लक्ष्य होते हैं. इन सब बातों की जानकारी मुझे तब हुई, जब पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने उनके मोबाइल फोन की जांच की.
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