'सॉरी हम हम कोरिया नहीं छोड़ सकते. कोरिया हमारी जिंदगी और जान हैं. हम उसे नहीं छोड़ सकते...' तीन बेटियों की खुदकुशी के बाद बेटियों के आखिरी शब्दों को याद करते हुए पिता का गला रुंध रहा है. गाजियाबाद की भारत सोसाइटी की नौवें फ्लोर में रहने वाले चेतन का संसार उजड़ चुका है. कोरियाई ऑनलाइन गेम ने उनका सबकुछ छीन लिया है. उनकी तीनों बेटियों ने गेम के डेथ ट्रैप में फंसकर जान दे दी.
मीडिया से बात करते हुए चेतन कहते हैं कि उन्होंने अपने बेटियों का आखिरी सुसाइड नोट पुलिसवालों के पास देखा. उसमें लिखा था- पापा सॉरी. आंखों में आंसू लिए चेतन हर मां-बाप से गुजारिश करते हुए कहते हैं कि वे बच्चों को गेम से दूर रखें. वह कहते हैं, 'यह बहुत बुरा हुआ है. ऐसा किसी के बच्चे के साथ न हो. बच्चे गेम खेलना छोड़ें. मां-बाप अपने बच्चे को गेम न खेलने दें बस. गेम में कम कौन सा टास्क हो जाता है, पता नहीं चलता. हमें भी पता नहीं चला जी.'
आखिर तीनों बच्चियों को गेस गेम की लत थी के सवाल पर चेतन बताते हैं कि उनको इसकी पूरी जानकारी नहीं है. उनको एक लिंक कोरिया से आया था. पुलिसवालों के पास फोन है, वे ही डीटेल्स निकालेंगे. मुझे बता होता कि क्या टास्क दिया है, तो मैं उन्हें गेम ही नहीं खेलने देता.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं