Ghaziabad Fire: दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में 29 अप्रैल 2026 को लगी भीषण आग के मामले में डीएम द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बिल्डर द्वारा किए गए अवैध निर्माण ने राहत एवं बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न की.
अवैध निर्माण ने रोका रास्ता
जांच समिति के अनुसार, बिल्डिंग के खुले क्षेत्रों और 'फायर ड्राइव-वे' में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया था. विशेष रूप से टावर-डी, जहां आग लगी थी, उसके सामने विकसित किए गए ग्रीन एरिया, स्विमिंग पूल और क्लब हाउस क्षेत्र में बाउंड्री वॉल और अस्थायी निर्माण पाए गए. इन अवरोधों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ घटनास्थल के पास नहीं पहुंच सकीं, जिससे आग बुझाने के ऑपरेशन में काफी देरी हुई.
शॉर्ट सर्किट की थ्योरी खारिज
जांच रिपोर्ट में उन दावों को भी खारिज कर दिया गया है जिनमें कहा जा रहा था कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी. फ्लैट नंबर डी-943 की सघन जांच के बाद कमेटी ने पाया कि आग का सीधा कारण शॉर्ट सर्किट नहीं था. हालांकि, रिपोर्ट में अभी तक आग लगने के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.
जांच समिति में कौन था शामिल?
डीएम गाज़ियाबाद के निर्देश पर गठित इस चार सदस्यीय समिति की अध्यक्षता जीडीए (GDA) सचिव ने की. इसके अलावा कमेटी में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), मुख्य अग्निशमन अधिकारी और सहायक निदेशक (विद्युत सुरक्षा) शामिल थे. समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ही राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
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