- डीएम का आदेश- अभिभावकों को फीस के बाध्य नहीं किया जाए
- कोरोनावायरस लॉकडाउन की वजह से बंद हैं स्कूल
- किसी भी छात्र-छात्रा को ऑनलाइन अध्ययन से वंचित नहीं किया जाए : डीएम
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों को जिला प्रशासन की ओर से राहत दी गई है. जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने जिले के सभी स्कूलों के प्रबंधकों को आदेश दिया कि है कि कोरोनावायरस आपदा की अवधि (लॉकडाउन) में किसी भी अभिभावक को फीस देने के लिए बाध्य नहीं किया जाए. अभिभावकों पर फीस जमा करना का दबाव डालने पर कार्रवाई होगी. केंद्र और राज्य सरकार ने कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित किया है. इस दौरान, सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं.
जिला मजिस्ट्रेट सुहास एलवाई ने कहा कि उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन अधिनिम 2005 के अध्याय-9 की धारा-23 (4) के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले के सभी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रबंधन को यह आदेश दिया जाता है कि वे आपदा की अवधि में किसी भी अभिभावक को फीस देने के लिए बाध्य नहीं करें. इस अवधि में किसी भी छात्र-छात्रा को ऑनलाइन अध्ययन से वंचित भी नहीं किया जाए.
उन्होंने आगे कहा, "इस आदेश का उल्लंघन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा-51 के तहत दंडनीय है, जिसमें एक साल की सजा या हर्जाने या दोनों का प्रावधान है. यदि लोक क्षति होती है तो सजा दो वर्ष की भी हो सकती है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा."
बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. राज्य में सबसे ज्यादा मामले गौतमबुद्ध नगर से सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों की संख्या शनिवार को बढ़कर 227 हो गई है. शुक्रवार को यह संख्या 172 थी. यानी पिछले 24 घंटे में राज्य में 53 नए मामले सामने आए हैं. कुल 227 मामलों में से 94 का संबंध तबलीगी जमात से हैं पिछले 24 घंटे में ही जमात से जुड़े 47 नए मामले सामने आए हैं. राज्य के 27 जिले कोरोनावायरस से प्रभावित हैं.
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