- बिजनौर में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश दिए गए हैं.
- DM-SP के जेल निरीक्षण में मस्जिद से अजान तेज आवाज आने के बाद प्रशासन का फैसला.
- रिहायशी इलाकों में 55 से 45 डेसिबल की लिमिट तय की गई है.
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने के निर्देश जारी किए गए हैं. इसे लेकर काम शुरू हो गया है. एसपी केके विश्नोई और डीएम जसजीत कौर जिला कारागार का निरीक्षण करने कारागार पहुंचे हुए थे. निरीक्षण के दौरान जेल के बराबर में स्थित मस्जिद से अजान की तेज आवाज आ रही थी. इससे अफसरों के निरीक्षण मे खलल डाला तो एसपी ने लाउड स्पीकर उतरवाने का आदेश जारी कर दिया. यह निर्देश एसपी केके बिश्नोई ने दिया है, जिन्होंने हाल ही में संभल से बिजनौर जिले में पदभार ग्रहण किया है.
जिले के एसपी केके बिश्नोई ने कहा, "बिजनौर में शासन के द्वारा दिए गए निर्देशों, अदालतों के विभिन्न फैसलों के तहत रिहायशी और इंडस्ट्रियल इलाकों में प्रदूषण को नियंत्रित करना है. धार्मिक स्थलों से ऊंची आवाज आती है, जिससे वायु प्रदूषण होता है. इसके मद्देनजर यह कहा गया है कि मंदिरों और मस्जिदों में जो धार्मिक काम है और आवाज आती है, वह परिसर के अंदर ही है. वॉल्यूम को निर्धारित करने का निर्देश है. यह मस्जिद और मंदिर के मुतवल्ली और पुजारी की जिम्मेदारी है."
अलग-अलग इलाकों के लिए मानक तय...
एसपी ने कहा कि बताए गए निर्देश सख्त रूप से फॉलो किए जाने चाहिए. निर्देशों को बार-बार पुलिस के द्वारा बताना ना पड़े. रिहायशी इलाकों में 55 (दिन) और 45 (रात) डेसीबल निर्धारित किया गया है. इंडस्ट्रियल कमर्शियल इलाकों में 65 और 55 डेसीबल निर्धारित किया गया है.
प्रशासन का कहना है कि जो शख्स लाउडस्पीकर लगाकर धार्मिक आयोजन करता है, वह वायु प्रदूषण के मार्क को क्रास करता है. इसलिए लोगों से अनुरोध है कि अपने इलाके में लगे स्पीकर्स उतारें और एक अच्छा समाज बनाने में सहयोग करें.
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