उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ी अनियमितता सामने आई है. विभाग द्वारा कराए गए ई- के वाईसी(ई- प्रमाणीकरण) में पता चला कि करीब 13,000 मृतक लाभार्थी अभी भी सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे थे.
राशन वितरण में अनियमितता के बाद मृतकों के नाम राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम से हटा दिया गया है. कुल शहरी क्षेत्रों में 436 और ग्रामीण इलाकों में 12,858 मृतकों के नाम काटे गए है. ये वो मृतक थे जिनके नाम से परिवार के लोग राशन उठा रहे थे. कोविड-19 महामारी के बाद केंद्र सरकार की फ्री राशन योजना में कई लोग अपात्र होने के बावजूद फर्जी तरीके से राशन प्राप्त कर रहे थे.
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज
मामले में सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है. पहले इसकी समय सीमा 31 मार्च थी. बाद में इसे बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है. गाजीपुर जिले में कुल 6,35,446 राशन कार्डधारक है. इनमें 27 लाख 86 हजार 243 लाभार्थी शामिल है. अब तक केवल 82 प्रतिशत लाभार्थियों का ही ई-केवाईसी हुआ है.
देखना होगा कि क्या इस कार्रवाई से राशन वितरण प्रणाली में अब पारदर्शिता आएगी. वैसे सभी लाभार्थियों को विभाग की तरफ से निर्देश दिया जा चुका है कि वे जल्द से जल्द ई- केवाईसी करा ले. साथ ही परिवार में मृतक सदस्य होने की स्थिति में विभाग को सूचित जरूर कर दे.
सुनिल सिंह की रिपोर्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं