- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन वाली याचिका खारिज की
- सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की मांग की गई थी
- प्रशासन ने अनुमति देने से मना किया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता अदालत गए
इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए फिरोजाबाद (Firozabad) के जिला प्रशासन को निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी. न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने यह कहते हुए उक्त याचिका खारिज कर दी कि “याचिकाकर्ता को किसी भी तरह की राहत देना बिल्कुल भी राष्ट्रहित में नहीं है. यदि याचिकाकर्ता भारत का नागरिक है तो उसे किसी भी कीमत पर शांति बनाए रखना होगा. हम इस मामले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं.”
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फिरोजाबाद जिले के मोहम्मद फरकुआन ने इस दलील के साथ अदालत का रुख किया था कि कुछ विद्यार्थी सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन जिला प्रशासन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दे रहा है. इस याचिका पर आपत्ति करते हुए राज्य सरकार के वकील ने कहा कि इससे पूर्व 20 दिसंबर, 2019 को फिरोजाबाद में कई स्थानों पर हिंसा भड़क गई थी जिसमें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. इसलिए ऐसे विरोध के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती.
दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उक्त टिप्पणी के साथ यह याचिका खारिज कर दी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं