- समाजवादी पार्टी ने अपने टीवी प्रवक्ताओं को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में ट्रेनिंग दिलाई है.
- अखिलेश यादव ने खुद भी सपा प्रवक्ताओं को टिप्स दिए हैं और तथ्यों के साथ बोलने के लिए कहा है.
- सूत्रों के मुताबिक एक महिला पत्रकार ने भी सपा प्रवक्ताओं को ट्रेनिंग दी है.
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. शनिवार को उन्होंने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सपा प्रवक्ताओं के साथ बैठक की है. करीब 2 घंटे तक हुई इस बैठक में अखिलेश यादव ने खुद सभी प्रवक्ताओं को ट्रेनिंग दी है. जानकारी है कि अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं से टीवी चैनल्स की डिबेट में संयम रखने को कहा गया है. उन्हें कहा गया है कि प्रवक्ता सपा सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों पर फोकस करने के साथ बीजेपी शासन की कमियों को जनता के बीच लाने का काम करें. अखिलेश यादव ने आंकड़ों के साथ तथ्य रखने का आदेश पार्टी प्रवक्ताओं को दिया है. पैनलिस्टों को साफ शब्दों में हिदायत दी है कि पूरी तैयारी के साथ ही टीवी चैनल्स की डिबेट में हिस्सा ले.
अखिलेश यादव के सामने चलाए गए वीडियो
सपा ने प्रवक्ताओं से डिबेट्स में तेज आवाज में बहस करने या किसी तरह के झगड़े में उलझने से बचने को कहा गया है, झगड़ों की जगह आंकड़ों के साथ अपनी बात रखने पर फोकस करने को कहा गया है. पार्टी ने कुछ डिबेट्स की वीडियो बैठक के दौरान चलाकर दिखाया कि कैसे बेवजह की बहस टीवी डिबेट में हो रही है और कैसे इससे बचा जा सकता है. इस पर ही सबसे ज्यादा फोकस रखने के लिए कहा गया है.
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बेवजह टिप्पणी नहीं कीजिए
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस को लेकर गठबंधन के विवाद पर अनावश्यक टिप्पणी ना करने का आदेश हुआ है. पार्टी की लाइन है कि कांग्रेस के साथ सपा का गठबंधन था है और अगले साल के चुनाव में भी रहेगा. सीटों पर फैसला दोनों दलों का नेतृत्व करेगा. कांग्रेस गठबंधन पर पार्टी की लाइन ये है कि इसी अलायन्स ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराया है और यही अलायन्स अगले साल विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को हराएगा.
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ओवैसी की पार्टी पर भी न हो बेवजह टिप्पणी
इसके अलावा ओवैसी की पार्टी के गठबंधन पर बेवजह की टिप्पणी प्रवक्ताओं को नहीं करनी है. सूत्र बता रहे हैं कि सोशल मीडिया पर चल रहे आरोप प्रत्यारोप और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के वॉर से प्रवक्ताओं को दूर रहने को कहा गया है. पार्टी का कहना है कि डिजिटल वॉर का जवाब डिजिटल के लिए तैयार टीम को देने को कहा गया है. प्रवक्ता इससे दूर रहकर अध्ययन करें और तथ्यात्मक तरीके से अपनी बात रखकर पार्टी का पक्ष रखें.
महिला पत्रकार ने भी दी ट्रेनिंग
एक ख़ास बात और ये रही कि इस बैठक में सपा ने एक वरिष्ठ महिला पत्रकार को ट्रेनिंग देने के लिए बुलाया था. उन्होंने प्रवक्ताओं को कैसे संयम से अपनी बात रखनी है, इस पर ट्रेनिंग दी. सपा ने साल 2017 के चुनाव में कुछ वरिष्ठ पत्रकारों से प्रवक्ताओं को ट्रेनिंग दिलाई थी. इसके बाद 2022 में भी एक एक्सपर्ट को ट्रेनिंग के काम में लगाया गया था. इस बार भी सपा ने वरिष्ठ पत्रकार से प्रवक्ताओं को ट्रेनिंग दिलाने के काम किया है.
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