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त्योहार में टिकट बुक करने से पहले जान लें वेटिंग टिकट कंफर्म होने का फॉर्मूला, कितने नंबर तक सीट हो सकता है कंफर्म

दिवाली और छठ जैसे त्योहार के समय बिहार-यूपी-झारखंड जाने वाले लोगों को कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल होता है.

त्योहार में टिकट बुक करने से पहले जान लें वेटिंग टिकट कंफर्म होने का फॉर्मूला, कितने नंबर तक सीट हो सकता है कंफर्म
दिवाली-छठ में कैसे मिलेगा कंफर्म टिकट
IANS

त्योहार के समय टिकट बुक करना और कंफर्म टिकट मिलना काफी मुश्किल होता है. दिवाली और छठ जैसे त्योहार के समय बिहार-यूपी-झारखंड जाने वाले लोगों को कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल होता है. परेशानी इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि उन्हें नहीं पता होता है कि ट्रेन टिकट कंफर्म होगा या नहीं. वहीं बिहार की ओर जाने वाली रूट काफी व्यस्त होती है तो ऐसे में कंफर्म टिकट की समस्या और बढ़ जाती है. त्योहार के समय ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 500 तक पहुंच जाता है.

त्योहार के समय कितना वेटिंग लिस्ट होने पर कंफर्म टिकट हो सकता है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. हालांकि मौजूदा समय में टिकट बुक करने वाली वेबसाइट और ऐप्स टिकट कंफर्म होने के चांस बताते हैं. लेकिन कई बार यह सटीक नहीं होता है.

कितने वेटिंग पर टिकट कंफर्म होने का फॉर्मूला

वेटिंग लिस्ट वाले टिकट के कंफर्म होने के चांस को लेकर रेलवे ने फॉर्मूला बताय है. जिससे आपको पता चल सकता है कि कितने वेटिंग लिस्ट तक टिकट कंफर्म हो सकती है. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं. औसतन टिकट बुक करने के बाद 21 प्रतिशत यात्री अपनी टिकट कैंसिल करवा देते हैं. इससे वेटिंग लिस्ट में मौजूदा यात्रियों को सीट मिल सकती है. वहीं करीब 4 से 5 प्रतिशत यात्री टिकट बुक करने के बाद भी ट्रेन नहीं पकड़े हैं. इन सीटों पर भी वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को सीट मिल सकती है.

इसके अलावा रेलवे के पास इमरजेंसी कोटा होता और सीटें रिजर्व रखी जाती है. अगर कोटे का पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया तो इन सीटों को भी वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को दिया जा सकता है.

एक कोच में कितने सीटें हो सकती है कंफर्म

स्लीपर कोच में 72 सीटें होती है. इसमें 21 प्रतिशत यात्री टिकट कैंसिल कराते हैं और 4-5 प्रतिशत लोग ट्रेन का सफर नहीं करते हैं तो इन यात्रियों को जोड़ा जाए तो एक कोच में करीब 18 सीटें कंफर्म हो सकती है. ऐसे ही 10 स्लीपर कोच को देखते तो 10 कोच X 18 सीटें यानी 180 सीट स्लीपर क्लास के वेटिंग लिस्ट को सीट मिल सकते हैं. यह कैलकुलेशन 3 AC, 2 AC में भी लागू होती है.

हालांकि त्योहार के समय टिकट कैंसिल होने और यात्रा नहीं करने वालों की संख्या कम होती है. ज्यादातर लोग दिवाली-छठ के दौरान यात्रा करते हैं. ऐसे में वेटिंग कंफर्म होने की संभावना काफी कम होती है.

वेटिंग टिकट कंफर्म होने के चांस कैसे बढ़ाएं

अगर आप वेटिंग टिकट से बचना चाहते हैं तो आपको टिकट समय से बुक करना चाहिए. टिकट की बुकिंग यात्रा की डेट से 60 दिन पहले शुरू होती है. ऐसे में आपको 60 दिन पहले टिकट बुक करा लेना चाहिए. इसमें आपको 99 प्रतिशत टिकट कंफर्म मिलने का चांस है. हालांकि त्योहार की तारीख के समय आपको 15 मिनट के अंदर टिकट की बुकिंग करनी होगी. सामान्य टिकट के लिए सुबह 8 बजे से बुकिंग शुरू होती है. संभव हो तो आप व्यस्त रूटों के बजाए कम व्यस्त वाली रूट को चुनें. यात्रा की तारीख भी फ्लेक्सिबल रखें जिससे आप अलग-अलग दिन टिकट बुक कर कंफर्म टिकट ले सकते हैं.

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