भविष्य में आर्थिक तौर पर मजबूत रहने के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (Public Provident Fund) निवेश का एक बेहतर ऑप्शन माना जाता है. आज के समय में पीपीएफ (PPF) सबसे पॉपुलर स्मॉल सेविंग स्कीम्स में से एक है, जिसमें 7.1 फीसदी की दर से ब्याज (PPF Interest Rate ) दिया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर PPF अकाउंटहोल्डर्स की मृत्यु हो जाए तो PPF अमाउंट किसे मिलता है? और इसे क्लेम करने का तरीका क्या है?
पीएफ अमाउंट के लिए नॉमिनी इस तरह कर सकते हैं क्लेम
दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को यह सुविधा देती है कि अगर अचानक उनकी मृत्यु हो जाती है तो ऐसे समय में पीएफ बेनिफिट क्लेम करने के लिए वह अपने नॉमिनी का नाम पहले ही चुन लें. जिसके बाद अकाउंट होल्डर की मृत्यु होने पर नॉमिनी सदस्य बैंक या पोस्ट ऑफिस की वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म भरकर जमा करके पीएफ अमाउंट के लिए क्लेम कर सकते हैं.
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आपको बता दें कि पीपीएफ अकाउंट मैच्योरिटी की अवधि भले ही 15 साल की होती है लेकिन अकाउंटहोल्डर्स की मृत्यु होने की स्थिति में डेथ क्लेम (PPF Death Claim) के लिए पीएफ अकाउंट के मैच्योरिटी का इंतजार नहीं करना पड़ता है.
डेथ क्लेम फॉर्म भरते समय रखें ये ध्यान
इसके तहत पीएफ अमाउंट क्लेम करने के लिए नॉमिनी को ईपीएफ मेंबर की पूरी डिटेल के साथ फॉर्म 20 भरकर जमा करना होता है. यहां एक बात ध्यान रखने वाली है कि इस आवेदन को उस नियोक्ता के माध्यम से प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिसके साथ ईपीएफ मेंबर अंतिम समय में जुड़ा हुआ था.
इन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरूरत
इस फॉर्म (PPF Death Claim Form) को भरने के दौरान पीपीएफ अकाउंट नंबर, नॉमिनी डिटेल, मोबाइल नंबर आदि के साथ ही कई तरह के डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है. पीपीएफ डेथ क्लेम करने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट इस प्रकार हैं...
- नॉमिनी के द्वारा भरा गया डेथ क्लेम फॉर्म
- पीपीएफ अकाउंट होल्डर का डेथ सर्टिफिकेट
- अकाउंट होल्डर का पासबुक
सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ इस फॉर्म को सबमिट करने के बाद नॉमिनी को मैसेज के जरिये क्लेम फॉर्म अप्रूवल के बारे में जानकारी दी जाती है. जिसके बाद क्लेम अमाउंट नॉमिनी के बैंक खाते में आ जाता है. ये बात भी जान लें कि अकाउंटहोल्डर्स की मृत्यु होने के बाद पीपीएफ अकाउंट एक्टिव नहीं रह सकता है. इसके साथ ही अकाउंटहोल्डर्स की मृत्यु होने के बाद PPF में जमा अमाउंट पर ब्याज नहीं दिया जाता है.
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