How to Surrender LPG Connection: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है. देश में जगह-जगह से LPG किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं. इसी वजह से बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब LPG कनेक्शन छोड़कर PNG की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में PNG इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक राहत की खबर है. दरअसल, अब उन्हें एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए डीलर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे यह काम घर बैठे ही ऑनलाइन तरीके से आसानी से कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें: LPG vs PNG: घर में कौन सी गैस ज्यादा सेफ, जानिए दोनों में क्या है फर्क
लॉन्च हुआ 'मायपीएनजी-डी पोर्टल'
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस का उपयोग शुरू कर दिया है, वे अब डीलर के पास जाए बिना LPG कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं. अब केवल अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या LPG आईडी का उपयोग करके घर बैठे ही अपना LPG कनेक्शन सरेंडर किया जा सकता है. मंत्रालय ने PNG उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म 'मायपीएनजी-डी पोर्टल' लॉन्च किया है, जिसकी मदद से आसानी से LPG कनेक्शन सरेंडर किया जा सकेगा.

क्यों उठाया गया ये कदम?
इस अपडेट की जानकारी साझा करते हुए मित्तल ने बताया कि जो उपभोक्ता पहले से ही PNG का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं, उन्हें अब अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए डीलर के पास जाने की जरूरत नहीं है. अब यह प्रक्रिया घर बैठे पूरी की जा सकती है, जिसके लिए केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर या एलपीजी आईडी की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद प्रक्रिया को आसान बनाना और ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से LPG कनेक्शन छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि ये कनेक्शन उन परिवारों को दिए जा सकें, जिनके पास अभी तक पीएनजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है.

1,797 उपभोक्ताओं ने किया LPG कनेक्शन सरेंडर
सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि पोर्टल लॉन्च होने के एक दिन के अंदर ही 1,797 उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं. उन्होंने इन उपयोगकर्ताओं को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और अधिक लोगों से आगे आकर इस पहल का समर्थन करने का आग्रह किया. सरकार का मानना है कि ऐसे कदम स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन तक पहुंच बढ़ाने और एलपीजी कनेक्शनों का बेहतर वितरण सुनिश्चित करने में मदद करेंगे, खासकर उन लोगों के लिए जो अभी भी पारंपरिक ईंधन स्रोतों पर निर्भर हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं