Mumbai Nagpur Trains Speed Limit: मुंबई से नागपुर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. भारतीय रेल ने इस रूट के एक अहम हिस्से पर लंबे समय से लगी स्पीड लिमिट को हटा दिया है. इससे अब ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और सफर का समय थोड़ा कम होगा. यह स्पीड लिमिट महाराष्ट्र में सेंट्रल रेलवे के भुसावल डिवीजन के तहत आने वाले असवली‑पडली सेक्शन में थी. यहां थ्रू फॉर्मेशन ट्रीटमेंट (TFTR) का काम पूरा होने के बाद यह रोक हटाई गई है. इस जरूरी अपग्रेड से ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा, यात्रियों को तेज और समय पर यात्रा का फायदा मिलेगा और पूरे मुंबई‑नागपुर रूट पर सफर का अनुभव सुधरेगा.
अब नहीं होंगे बेवजह के देर से सफर
मुंबई‑नागपुर रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब कम देरी का सामना करना पड़ेगा. पहले स्पीड लिमिट की वजह से ट्रेनों को इस हिस्से में धीमा चलना पड़ता था, जिससे समय-सारिणी बिगड़ जाती थी और यात्रियों को परेशानी होती थी. अब स्पीड लिमिट हटने के बाद ट्रेनें बिना रुकावट तेजी से चल सकेंगी. समय पर पहुंचने की संभावना बढ़ेगी. यात्रियों को ज्यादा आरामदायक और भरोसेमंद सफर मिलेगा. कुल मिलाकर, यह बदलाव मुंबई‑नागपुर रूट पर रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है.
स्पीड लिमिट लगाने की वजहइस रेलवे ट्रैक के एक हिस्से पर लंबे समय से 75 किमी प्रति घंटे की स्थायी गति सीमा लगी हुई है. यह हिस्सा किलोमीटर 160.57 से 160.13 के बीच स्थित है. यह इलाका अर्ध‑घाट क्षेत्र में आता है, जहां पहुंचना थोड़ा मुश्किल है. खासकर बरसात के मौसम में इस हिस्से पर ज्यादा निगरानी रखने की जरूरत पड़ती है. यह ट्रैक करीब 9 मीटर ऊंचाई पर बना है और इसमें तेज मोड़ (2.26 डिग्री का कर्व) भी है. इन वजहों से ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित करना जरूरी हो गया, ताकि यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे और कोई हादसा न हो.
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट अनुसार, सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. स्वपनिल नीला ने बताया कि असवली–पाडली सेक्शन, मुंबई–नागपुर रेल मार्ग पर भुसावल मंडल का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस हिस्से में करीब 800 मीटर तक स्पीड लिमिट लगी हुई थी, जिससे ट्रेनों के कुल यात्रा समय पर असर पड़ता था. रेलवे ने इस हिस्से में TFTR कार्य (ट्रैक को मजबूत करने का काम) किया है, ताकि ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा बढ़ाई जा सके. इलाके की भौगोलिक स्थिति और मौसम से जुड़ी दिक्कतों के कारण यह काम 2025 के मानसून के बाद किया गया. अब यह काम पूरा हो चुका है और यह सेक्शन सामान्य रफ्तार से ट्रेनों के संचालन के लिए तैयार है.
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